लॉकडाउन 5.0 लागू होने के बाद मजदूरों का पलायन कम नहीं हो रहा है। वह अभी भी अपने घर जाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। इसी दौरान भोपाल से ऐसी एक मार्मिक तस्वीर देखने को मिली, जहां ट्रेन में सवार एक मां अपने बच्चे के लिए दूध रखना भूल गई थी। स्टेशन पर तैनात आरपीएफ का एक जवान भागते हुए गया और बच्ची के लिए दूध लेकर आया।

बेलगांव (कर्नाटक). लॉकडाउन 5.0 लागू होने के बाद मजदूरों का पलायन कम नहीं हो रहा है। वह अभी भी अपने घर जाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। इसी दौरान भोपाल से ऐसी एक मार्मिक तस्वीर देखने को मिली, जहां ट्रेन में सवार एक मां अपने बच्चे के लिए दूध रखना भूल गई थी। स्टेशन पर तैनात आरपीएफ का एक जवान भागते हुए गया और बच्ची के लिए दूध लेकर आया।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

 बेटी को पानी में बिस्किट मिलाकर खिलाती रही मां
दरअसल, साफिया हासमी नाम की महिला श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार होकर कर्नाटक से गोरखपुर जा रही थी। उसके साथ उसकी तीन माह की बच्ची भी थी। घर जाने की जल्दबाजी में वो अपनी बेटी के लिए दूध रखना भूल गई थी। जब बच्ची को भूख लगी तो मां दो दिन तक पानी में बिस्किट मिलाकर खिलाती रही। दूध के लिए वह हर स्टेशन पर गुहार लगाती रही, लेकिन उसको मदद कहीं नहीं मिली। भोपाल में महिला की गुहार सुनकर आरपीएफ जवान इंदर यादव दौड़ते हुए गया और बच्ची के लिए दूध लाकर दिया।

दूध पीकर सुकून की नींद सो गई मासूम
महिला ने कहा- जब मैंने जवान इंदर को अपनी बेटी की भूख के बारे में बताया तो वह कहने लगे मैं अभी दूध लेकर आता हूं। लेकिन, ट्रेन स्टेशन से चलने लगी। देखते ही देखते ट्रेन की स्पीड भी बढ़ने लगी, जवान भी तेज-तेज दौडने लगा और किसी तरह खिड़की के जरिए मुझे दूध थमाकर दे गया। दो दिन बाद मिले दूध को पीकर बेटी सुकून से सो गई। 

महिला ने जवान को बताया रियल हीरो
अपने घर पहुंचकर महिला ने जवान इंदर यादव को मैसेज के जरिए शुक्रिया कहा और लिखा-आप ही हमारे रियल हीरो हैं। अगर आप मेरी मदद नहीं करते तो पता नहीं मेरी बच्ची का क्या होता,आपकी जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है। बता दें कि महिला ने भोपाल में पदस्थ इंदर यादव का नंबर पता लगाकर संपर्क किया था।