मध्य प्रदेश में 17 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गईं। शुक्रवार को 10वीं और 12वीं की एग्जाम के एक-एक पेपर हो भी चुके हैं। इस दौरान रायसेन जिले से एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल की बेहद लापरवाही सामने आई है। जिसने बच्चों के परीक्षा फार्म ही नहीं भरे। जिसके चलते शिक्षा मंत्री ने स्कूल के प्राचार्य को निलंबित कर दिया है।

भोपाल. मध्य प्रदेश में 17 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गईं। शुक्रवार को 10वीं और 12वीं की एग्जाम के एक-एक पेपर हो भी चुके हैं। इस दौरान रायसेन जिले से एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल की बेहद लापरवाही सामने आई है। जहां 26 छात्रों के फॉर्म समय पर जमा नहीं होने पर स्कूल शिक्षा मंत्री इंदरसिंह (Inder Singh Parmar) परमार ने स्कूल के प्राचार्य को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

'विद्यार्थियों के भविष्य से लापरवाही बर्दाश्त नहीं'
दरअसल, एमपी के स्कूल शिक्षा मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रायसेन जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही प्रिंसिपल समय पर छात्रों के परीक्षा फॉर्म भरने में विफल रहे पर उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी।

यह भी पढ़ें-बिहार बोर्ड 10वीं की परीक्षा आज से, करीब 17 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल, सेंटर पर जाने से पहले पढ़ लें ये नियम

लेट फीस के साथ भी नहीं भरे एग्जाम फार्म
बता दें कि यह मामला रायसेन जिले के बाड़ी ब्लॉक के उमराई शासकीय हाई स्कूल का है। जहां के प्रभारी प्राचार्य दीनदयाल अहिरवार को इस लिए निलंबित करने के निर्देश दिए हैं कि उन्होंने 10वीं और 12वीं के 26 छात्रों के फॉर्म समय पर जमा नहीं किए। जबकि विलंब शुल्क के साथ 14 फरवरी 2022 तक परीक्षा फॉर्म भरे जा सकते थे। इस लापरवाही के चलते छात्र परीक्षा से वंचित रह गए थे।

फिर ऐसे बच्चों ने दी परीक्षा
बताया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष प्रयास द्वारा इन बच्चों को परीक्षा में सम्मिलित किया गया। जिसके बाद इन छात्रों ने अपनी दसवीं और बारहवीं की परीक्षा दी। लेकिन मामला सुर्खियों में आया और शिक्षा निदेशालय ने स्कूली शिक्षा मंत्री इंद्रसिंह परमार के निर्देश पर कार्रवाई की।

दो साल बाद हो रहीं आफलाइन परीक्षाएं 
बता दें कि मध्य प्रदेश में दो साल बाद एमपी बोर्ड की आफलाइन परीक्षाएं हो रही हैं। इस बार के बोर्ड एग्जाम में 12वीं में कुल 7,14,932 और 10वीं में 10,66,791 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर कोरोना गाइडलाइन के मुताबिक ही परीक्षाएं कराई जा रही हैं। पहले दिन बच्‍चों में परीक्षाओं को लेकर काफी उत्‍साह देखा गया। 

यह भी पढ़ें- Assam Police Recruitment: कांस्टेबल सहित अन्य पदों पर आवेदन शुरू, जानिए योग्यता और कैसे करें अप्लाई

JSSC CCE 2021: रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख बढ़ी, अब 21 फरवरी तक कर सकते हैं अप्लाई, जानिए महत्वपूर्ण डेट्स