आपरेशन गंगा के तहत आज गुरुवार को यूक्रेन से भोपाल की दो बहनें अपने घर पहुंची हैं। जैसे ही यह बेटियां पहुंची तो उनके माता-पिता के देखते ही खुशी के आंसू छलक पड़े। दोनों सिस्टर्स ने बताया कि घर तक पहुंचने के लिए भारत का तिरंगा उनके लिए कैसे सुरक्षा कवच बना।

भोपाल (मध्य प्रदेश). यूक्रेन में फंसे भारतीयों (Indian in ukraine) को निकालने के लिए भारत सरकार ने अभियान और तेज कर दिया है। गुरुवार को ऑपरेशन गंगा के तहत 628 लोगों को तीन फ्लाइट्स से वापस देश लाया गया है। इसी आपरेशन गंगा के तहत भोपाल की दो बहनें आज अपने घर पहुंची हुई हैं। जैसे ही यह बेटियां पहुंची तो उनके माता-पिता के देखते ही खुशी के आंसू छलक पड़े। दोनों सिस्टर्स ने बताया कि घर तक पहुंचने ने के लिए भारत देश का तिरंगा उनके लिए कैसे सुरक्षा कवच बना।

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 2017 में MBBS की पढ़ाई करने गई थीं यूक्रेन
दरअसल, गुरुवार को यूक्रेन से भोपाल पहुंचने वाली इन दो बहनों के नाम मिली तिवारी और मुस्कान तिवारी हैं। जो साल 2017 में MBBS की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गई हुई थीं। वह अपनी डिग्री पूरी करके ही घर आतीं, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए कि उनको अपनी जान बचाकर बीच में ही घर लौटना पड़ा। इंडिया टुडे से बात करते हुए उन्होंने बताया कि इस युद्ध के दौरान हमारा तिरंगा हमारी सुरक्षा की गारंटी बना है। इतना ही नहीं पाकिस्तानी छात्र भी हमारा झंडा लेकर सुरक्षित अपने देश के लिए निकल गए। 

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ऐसे 5 दिन तक का दोनों बहनों ने तय किया सफर
दोनों बहनों ने मीडिया से बात करते हुए कहा-उन्होंने कीव से रोमानिया बॉर्डर पहुंचने के लिए 5 दिनों तक सफर किया। इस दौरान वह पैदल भी चले, इतना ही नहीं दो दिनों तक रिफ्यूजी कैंप में भी रहीं। इसी बीच हमारी राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने बहुत मदद की। खाने-पीने से लेकर आने तक का पूरा ख्याल रखा। रोमानिया के एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट तक और फिर उसके आगे घर तक पहुंचने का पूरा खर्चा सरकार ने ही उठाया हुआ है।

पाकिस्तान, तुर्की और नाइजीरिया तिरंगा पकड़े निकल रहे
मिली तिवारी और मुस्कान तिवारी ने बताया कि भारत के लिए यूक्रेन में बहुत सम्मान है। वहां हमारे देश के तिरंगे की लोग बहुत इज्जत करते हैं। अगर हाथ में कोई भारत का तिरंगा लेकर निकले तो कोई कुछ नहीं करेगा। इस दौरान उन्होंने बताया कि हमारे के तिरंगे को अपने हाथों में लेकर भारत ही नहीं पाकिस्तान, तुर्की और नाइजीरिया के कई लोग निकल रहे हैं। उन्होंने रोमानिया बॉर्डर पहुंचने के लिए भारत का तिरंगा पकड़ा हुआ था।

'भारतीय तिरंगे की आड़ में सुरक्षित पाकिस्तानी' 
दोनों बहनों ने बताया कि भारतीय छात्रों के अलावा पाकिस्तानी स्टूडेंट्स भी भारतीय फ्लैग लेकर बाहर निकल रहे थे। क्योंकि हमारे देश के झंडे को देखकर न यूक्रेन की सेना रोक रही है और न ही रूस की सैनिक कुछ कर रहे हैं। इसी बात का फायदा उठाकर पाकिस्तानी स्टूडेंट्स भी तिरंगे की आड़ में वहां से निकल रहे हैं।

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भारत सरकार ने इन 4 मंत्रियों को भेजा विदेश
बता दें कि यूक्रेन संकट से भारतीय छात्रों को निकालने के लिए केंद्र सरकार ने अपने चार केंद्रीय मंत्रियों को सहायता के लिए पोलैंड भेजा है। जिसमें हरदीप सिंह पुरी को हंगरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया को रोमानिया और मॉलडोवा, किरण रिजिजू को स्लोवाकिया और जनरल वीके सिंह शामिल हैं।

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