मध्य प्रदेश सरकार में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। कई मंत्री लगातार एक-दूसरे के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। इस बीच वन मंत्री उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच जारी 'पॉलिटिकल वॉर' और आक्रामक हो गई है। 

भोपाल. मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के मंत्रियों और अन्य दिग्गज नेताओं के बीच जारी 'अहम' की लड़ाई और अधिक तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर, ट्रांसफर-पोस्टिंग और रेत खनन में दलाली खाने का आरोप लगाने वाले वन मंत्री उमंग सिंघार ने नया बखेड़ा खड़ा किया है। उन्होंने दिग्विजय सिंह को कड़वी चाय पर आमंत्रित किया। इस पर दिग्गी ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें डायबिटीज नहीं है। वे तो मीठी चाय पीते हैं। दिग्गी के इस बयान ने आने वाले दिनों में प्रदेश में कांग्रेस की कलह में और ईजाफा करने का संकेत दिया है।

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उमंग सिंघार ने 5 दिन पहले दिग्गी पर निशाना साधा था। अब दिग्गी ने उन्हें अनुशासन में रहने की नसीहत दी है। इसी बीच दिग्गी ने कहा कि उनकी राजनीतिक लड़ाई सिर्फ भाजपा से है। दिग्गी भाजपा को ऐसी विचारधारा मानते हैं, जिसकी वजह से गांधी की हत्या हुई। मप्र कांग्रेस में जारी कलह की खबरों को लेकर उन्होंने कहा कि यह हाईकमान को देखना है कि क्या करना है। दरअसल, उमंग सिंघार पर भी भाजपा का एजेंट होने का आरोप लगा है। इसी सवाल पर सिंघार ने दिग्गी को कड़वी चाय पिलाने की बात कही थी। सिंघार ने दो टूक कहा कि दिग्गी सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं। 

उधर, ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने संबंधी पोस्टर लगाने के सवाल पर दिग्गी ने कहा कि सिंधिया से उनकी कोई बात नहीं हुई है। पोस्टर लगाना उनका हक है।