कहते हैं कि ऊपरवाला जब भी देता, देता छप्पर फाड़के। ऐसा ही मध्य प्रदेश के पन्ना में देखने को मिला। यहां दीपावली से पहले दो किसानों के हाथ कीमती हीरे लगे हैं। यह और बात है कि पन्ना की हीरा खदानें पहले भी कई मजदूरों का लखपति बना चुकी हैं। इन दो हीरों की कीमत 30 लाख और 50 लाख आंकी गई है।

(तस्वीर में हीरे के साथ दिलीप मिस्त्री)

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भोपाल, मध्य प्रदेश. यहां के पन्ना जिले में स्थित हीरा खदानें कइयों को लखपति बनाती रही हैं। लेकिन हीरा हाथ लगना किस्मत की बात है। सोमवार को यहां दो किसानों के हाथ हीरा लगे। जिनके लिए चंद हजार रुपए मायने रखते थे, वे अब लखपति बन गए हैं। एक हीरा किसान दिलीप मिस्त्री को मिला। यह उनकी निजी जमीन है। यह हीरा 7.44 कैरेट का है। इसकी कीमत 30 लाख रुपए मानी जा रही है। वहीं दूसरा हीरापटी बजरिया के कृष्णकल्यानपुर की उथली हीरा खदान से लखन यादव को मिला है। यह करीब 15 कैरेट का है। इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई जाती है। दोनों हीरे जेम्स क्वालिटी के हैं। इन्हें हीरा कार्यालय में जमा कर दिया गया है। यहां उनकी नीलामी होगी।

लॉकडाउन में चमकी किस्मत
दिलीप मिस्त्री ने बताया कि लॉकडाउन में रोजी-रोटी पर संकट आने के बाद वे पिछले 6 महीने से जरुआपुर की हीरा खदान में काम कर रहे थे। इससे पहले उन्हें चार छोटे छोटे हीरे मिल चुके हैं। दिलीप मिस्त्री के साथ 4 अन्य साथी भी खदान में पार्टनर थे। इसलिए अब सब खुश हैं।

जानिए कैसे तय होती है हीरे की कीमत....

दीपावली से पहले एक हफ्ते में यह तीसरा हीरा कार्यालय में जमा कराया गया है। इनकी अगले महीने नीलामी होगी। किसानों का कहना है कि यह भगवान की कृपा है, जो उन्हें हीरे हाथ लगे। विशेषज्ञ बताते हैं कि हीरे की कीमत उसकी चमक पर निर्भर करती है। जिस हीरे से चमकीली किरणें अधिक निकलती हैं, वो ज्यादा कीमती होता है।