पारिवारिक उलझनों के कारण महिला डॉक्टर खुदकुशी करने रेल पटरी पर पहुंची थी। वह रेलवे पटरी पर लेटी हुई थी और बार-बार रोते हुए चिल्ला रही थी मैं मर जांऊगी।

भोपाल. मौजूदा दौर में आए दिन आप ऐसी खबरें पढ़ते-देखते होंगे कि व्यक्ति किसी ना किसी परेशानी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली या फिर उसने इसका प्रयास किया था। इसका एक प्रमुख कारण तनाव है। व्यक्ति जरा-जरा सी बातों मे तनावग्रस्त हो जाता है और वो इतना बड़ा कदम उठा लेता है। ऐसी ही एक मामला राजधनी के में देखने को मिला है जहां एक महिला डॉक्टर पारिवारिक उलझनों से परेशान होकर ट्रेन से कटकर जान देने जा रही थी। लेकिन ऐन वक्त पर ट्रैफिक डीएसपी ने मौके पर पहुंचकर महिला को वक्त रहते बचा लिया।

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हुआ यूं कि रचना नगर में रहने वाली महिला पास के ही रेलवे पटरी पर लेटी हुई थी और बार-बार रोते हुए चिल्ला रही थी मैं मर जांऊगी। जब उसकी अवाज एक पान की दुकान चलाने वाले युवक ने सुनी तो उसने इसकी जानकारी ट्रैफिक डीएसपी को दी। डीएसपी साहब जब उसके पास पहुंचे तो महिला अफसर से झूमाझटकी करने लगी। उसने अपना हाथ छुड़ाने के चक्कर में डीएसपी की वर्दी फाड़ दी। आखिरकार किसी तरह डीएसपी ने महिला को ट्रैक से दूर किया और गाड़ी में बिठाकर एमपी नगर थाने ले गए। महिला पुलिसकर्मियों ने महिला की काउंसलिंग की, फिर कुछ देर बाद वो नॉर्मल हुई।

40 सेकंड बाद ही उसी ट्रैक पर आ गई ट्रेन
डीएसपी पराग खरे के मुताबिक महिला अपनी जिंदगी से शायद वह बेहद नाराज थी। उसने किसी तरह मेरा हाथ छुड़ाया और भागकर दोबारा ट्रैक पर लेट गई। मैंने फिर उसे खींचकर ट्रैक से दूर किया। इसके 40 सेकंड बाद ही उसी ट्रैक पर ट्रेन आ गई।

पति की बेबाफाई से नाराज थी वो
एमपी नगर टीआई मनीष राय ने बताया महिला विदिशा के पास मंडी बामोरा की रहने वाली है। वह BHMS डॉक्टर है। महिला की शादी को अभी डेढ़ साल ही हुआ है। उसका पति उसे छोड़कर दूसरे शहर में रहता है। करीब चार महीने पहले उसके पिता की मौत हो गई है। वह पति की बेबाफाई से नाराज थी। किसी तरह महला की काउंसलिंग कराकर उसके भाई को बुलाकर उसके हवाले कर दिया है।