होली के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के सभी जिला कोषालय अधिकारियों को वाहन किराए पर लेने की अनुमति दे दी है। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। वित्त विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

भोपाल। होली के अवसर पर 2 मार्च को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अहम निर्णय लिया। उन्होंने सभी जिला कोषालय अधिकारियों को वाहन व्यवस्था रखने की अनुमति दे दी। यह मांग लंबे समय से लंबित थी, जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर लिया है।

वित्त विभाग का आदेश जारी: 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी नई व्यवस्था

मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग ने कोष एवं लेखा संचालनालय के अधीन कार्यरत सभी कोषालय अधिकारियों को कार्यालयीन कार्यों के लिए वाहन किराए पर लेने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में मंत्रालय से विधिवत आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से संबंधित अधिकारी अपने शासकीय कार्यों के लिए एक-एक वाहन किराए पर ले सकेंगे।

किस मद से होगा खर्च? आदेश में स्पष्ट लेखा शीर्ष का उल्लेख

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में साफ किया गया है कि वाहन किराए का खर्च लेखा शीर्ष 006-2054-00-097-9999-1026-31-007 से वहन किया जाएगा। आदेश की प्रतिलिपि सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। सरकार के इस फैसले से कोषालय अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों के बेहतर और समयबद्ध निष्पादन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

त्वरित निर्णयों के लिए पहचाने जाते हैं सीएम मोहन यादव

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनता और प्रशासनिक हितों में त्वरित फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। पद संभालने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए, जिनकी पूरे देश में चर्चा हुई। हाल ही में उन्होंने मुरैना जिले के जौरा थाना प्रभारी को उनका विवादित वीडियो वायरल होते ही तत्काल निलंबित कर दिया था। इससे यह संदेश गया कि लापरवाही पर सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है।