हनुमान चालीसा विवाद में अरेस्ट अमरावती सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को कोर्ट ने 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। दोनों की पहली रात अलग-अलग जेल में कटी।

मुंबई. हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान कर महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल लाने वाली अमरावती सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को अदालत ने रविवार को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। संडे की रात प्रशासन ने राणा दंपत्ति को अलग अलग जेल में शिफ्ट कर दिया गया। बता दें कि दोनों पर पुलिस ने सरकारी मामलों में रुकावट और राजद्रोह का केस दर्ज किया है। राणा दंपत्ति की तीन में सारी कहानी ही बदल गई। शुक्रवार को ऐलान किया, शनिवार को गिरफ्तार हुए और रविवार को जेल हो गई।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

पति-पत्नी दोनों को अलग-अलग जेलों में किया शिफ्ट
दरअसल, पुलिस ने सांसद नवनीत राणा अगले 14 दिन तक मुंबई की भायखला जेल भेज दिया है। वह यहां पर 6 मई तक जेल में ही रहेंगी। वहीं उनके पति रवि राणा नवी मुंबई की तलोजा जेल में रहेंगे। आलीशान घर में रहने वाली और राजनीती से लेकर फिल्मी दुनिया में अपनी सफलता का परचम लहराने वाली नवनीत राणा ने कभी सोचा नहीं होगा कि उनको सांसद बनने के बाद भी जेल में रातें गुजारनी पड़ेंगी।

एक रात थाने में बिता चुके के हैं राणा दंपत्ति
बता दें कि सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को मुंबई पुलिस ने शनिवार शाम गिरफ्तार किया था। इस दौरान दोनों को एक रात खार पुलिस थाने में बितानी पड़ी थी। राणा दंपत्ति पर पुलिस ने धर्म के नाम पर भवानाएं भड़काने के साथ देशद्रोह का आरोप लगाया था। इसके बाद अगले दिन रविवार को उन्हें बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज ने पति-पत्नी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

क्या है हनुमान चालीसा विवाद
लाउडस्पीकर से निकलने वाली अजान की आवाज को लेकर देशभर में हिंदु संगठन विरोध कर रहे थे। इसी दौरान सांसद नवनीत राणा ने ऐलान किया था कि वह मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी। इसके लिए शनिवार सुबह 9 बजे का वक्त उनकी तरफ से दिया गया था। लेकिन इस बीच शनिवार को बड़ी संख्या में शिवसैनिक उनके खार स्थित उनके घर के बाहर जमा हो गए और वे घर के बाहर ही नहीं निकल पाई। इसके बाद राणा दंपत्ति ने शाम होते-होते पाठ करने का फैसला वापस ले लिया। इसके पीछे उन्होंने अगले दिन पीएम मोदी का मुंबई में होने वाले कार्यकम बताया। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहती हैं उनके कारण प्रधानमंत्री कार्यक्रम में कोई दिक्कत हो।