पत्रकार एन राम ने शनिवार को यहां कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) आर्थिक संकट से ‘‘ध्यान हटाने’’ की महज एक तरकीब ही नहीं, भाजपा की ‘‘हिन्दू राष्ट्र’’ परियोजना का भी हिस्सा है

मुंबई: पत्रकार एन राम ने शनिवार को यहां कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) आर्थिक संकट से ‘‘ध्यान हटाने’’ की महज एक तरकीब ही नहीं, भाजपा की ‘‘हिन्दू राष्ट्र’’ परियोजना का भी हिस्सा है।

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उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे अनुशासन सुनिश्चित करें ताकि ‘‘जन उभार’’ अपना आवेग नहीं खोए। दैनिक ‘द हिंदू’ के पूर्व प्रधान संपादक ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह सिर्फ ध्यान हटाने की तरकीब है। इससे आर्थिक संकट और भारत में एक शक्तिशाली अर्थव्यवस्था के निर्माण के उनके सपनों के धाराशायी होने से ध्यान भटकाया जा सकता है।’’

शाहीन बाग प्रदर्शन की सराहना की

उन्होंने शनिवार से यहां शुरू हुए दो दिवसीय ‘मुंबई कलेक्टिव’ कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र ‘द राइजिंग टाइड इन इंडियन पॉलिटिक्स’ के दौरान यह बात कही। राम ने कहा, ‘‘सवाल यहां यह है कि यह हिन्दुत्व परियोजना का हिस्सा है। इसका मतलब यह है कि वे ‘हिन्दू राष्ट्र’ चाहते हैं, हिन्दू राष्ट्र का बढ़ावा चाहते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ ध्यान भटकाने वाली तरकीब नहीं है, हालांकि इससे ऐसा हो सकता है। लेकिन मेरा मानना है कि इसे समझना होगा।’’ इस दौरान प्रोफेसर गोपाल गुरु ने दिल्ली के शाहीन बाग में महिलाओं के नेतृत्व वाले सीएए विरोधी प्रदर्शन की सराहना की।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)