दिन-दहाड़े स्नेहल सावंत पर दरांती से हमला क्यों किया गया, क्या इसके पीछे एकतरफा प्यार है? CCTV में कैद हुई वारदात आरोपी अमोल मुले के बारे में कौन से नए राज खोल सकती है? गंभीर रूप से घायल पीड़िता को निशाना बनाने के पीछे आखिर असली मकसद क्या था? फरार आरोपी कब तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहेगा, और जांच में कौन से चौंकाने वाले खुलासे होंगे?
पालघर (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां के बोइसर इलाके में दिन-दहाड़े डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस में काम करने वाली एक 27 वर्षीय महिला कर्मचारी पर दरांती (हंसिया) से जानलेवा हमला किया गया। भीड़भाड़ वाले इलाके में हुए इस औचक हमले से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। लहूलुहान हालत में तड़प रही महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पूरी वारदात पास में लगे एक CCTV कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज देखकर रोंगटे खड़े हो रहे हैं।

आखिर हमले से पहले क्या हुआ था?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 29 वर्षीय आरोपी अमोल मुले ने गोल्डन सिनेमा के पास महिला पर हमला किया और घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल स्नेहल सड़क पर गिर पड़ीं, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर इस हमले के पीछे वजह क्या थी।
बीच सड़क पर खूनी खेल…और अचानक थम गईं सांसें
यह सनसनीखेज वारदात बोइसर के गोल्डन सिनेमा के पास हुई। 27 वर्षीय पीड़िता, जिसकी पहचान स्नेहल सावंत के रूप में हुई है, कलेक्टर ऑफिस में अपनी ड्यूटी के सिलसिले में या सामान्य काम से वहां से गुजर रही थीं। तभी अचानक 29 वर्षीय आरोपी अमोल मुले हाथ में तेज धारदार दरांती लेकर उसके सामने आ धमका। इससे पहले कि स्नेहल कुछ समझ पातीं या वहां मौजूद लोग बीच-बचाव करते, अमोल ने ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। दरांती के गहरे जख्मों के कारण स्नेहल चीखते हुए वहीं सड़क पर गिर पड़ीं। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी हथियार लहराता हुआ मौके से फरार हो गया।
लाइफलाइन अस्पताल में जिंदगी की जंग और वो 'CCTV फुटेज'
हमले के तुरंत बाद आसपास के स्थानीय लोग और राहगीर बिना समय गंवाए मदद के लिए दौड़े। जमीन पर तड़प रही स्नेहल को आनन-फानन में बोइसर के अधिकारी लाइफलाइन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके इलाज में जुटी हुई है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक उनकी सेहत को लेकर कोई आधिकारिक बुलेटिन जारी नहीं किया है, जिससे सस्पेंस और गहरा गया है। इधर, पुलिस के हाथ इस खूनी खेल का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज लगा है। जांचकर्ता इस समय फुटेज की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि हमले से पहले और बाद में आरोपी की हर हरकत और घटनाओं के सही क्रम को समझा जा सके।
एकतरफा प्यार का जुनून या कोई गहरा राज?
जैसे-जैसे पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ रही है, इस भयानक हमले के पीछे एकतरफा प्यार (One-Sided Love) का एंगल सामने आ रहा है। शुरुआती रिपोर्टों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आरोपी अमोल मुले कथित तौर पर महिला से एकतरफा लगाव रखता था और मुमकिन है कि इनकार किए जाने पर उसने इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस प्रशासन अभी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। पालघर के पुलिस अधीक्षक (SP) यतीश देशमुख ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खुद घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि पुलिस हर संभावित पहलू को खंगाल रही है और मकसद की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
फरार शिकारी को पकड़ने के लिए विशेष चक्रव्यूह तैयार
सरेराह हुई इस वारदात ने इलाके की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने के लिए पालघर पुलिस ने एक विशेष टीम (Special Task Force) का गठन किया है। पुलिस की कई टीमें इस समय संदिग्ध के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और उसके छिपने की जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। पुलिस आरोपी का सुराग लगाने के लिए तकनीकी निगरानी (Technical Surveillance) यानी मोबाइल लोकेशन और स्थानीय खुफिया तंत्र का सहारा ले रही है। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी ज्यादा दिन तक कानून की नजरों से बच नहीं पाएगा और जल्द ही उसे दबोच लिया जाएगा।


