मासूम का परिवार इलाज के लिए आने वाले 18 करोड़ का खर्च सुनकर पूरी तरह से नाउम्मीद हो चुका था लेकिन एशियानेट की एक छोटी सी अपील और केरल के दिलदार लोगों का मदद को आगे आना, एक नाउम्मीद हो चुके गरीब परिवार के लिए नया सवेरा लेकर आया है। दो दिनों के भीतर 18 करोड़ रुपये जुटा लिए गए हैं और अब इलाज की तैयारी है। 

तिरुअनंतपुरम। किसी मशहूर शायर ने कहा है, ‘कौन कहता है आसमां में सुराग हो नहीं सकता, इक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों’। एशियानेट न्यूज ने गंभीर और दुलर्भ बीमारी से जूझ रहे एक मासूम की मदद के लिए कुछ ऐसा ही किया। मासूम का परिवार इलाज के लिए आने वाले 18 करोड़ का खर्च सुनकर पूरी तरह से नाउम्मीद हो चुका था लेकिन एशियानेट की एक छोटी सी अपील और केरल के दिलदार लोगों का मदद को आगे आना, एक नाउम्मीद हो चुके गरीब परिवार के लिए नया सवेरा लेकर आया है। दो दिनों के भीतर 18 करोड़ रुपये जुटा लिए गए हैं और अब इलाज की तैयारी है। 

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यह है पूरा मामला

दरअसल, केरल के कन्नूर जिले का एक छोटा सा गांव है मट्टूल। इसी गांव के एक परिवार में बच्चों को एक अतिगंभीर आनुवांशिक रोग है। इस रोग के होने पर इंसान का शरीर चलने फिरने में अक्षम हो जाता है। बिना किसी के मदद के आप हिलडुल नहीं सकते। मासूम मोहम्मद भी इसी रोग का शिकार हो रहा है। उसकी 14 साल की बहन अफरा भी इस रोग को झेल रही है। अफरा भरी आंख से अपने भाई को ही अपने हाल में जाते देख रही है। एशियानेट से बात करते हुए अफरा ने बताया था कि वह नहीं चाहती कि उसका भाई भी उसकी तरह इस बीमारी को झेले।
मेडिकल स्पेशलिस्ट बताते हैं कि मोहम्मद या उसकी बहन जिस बीमारी को झेल रहे हैं वह बहुत ही रेयर होता है। आनुवंशिक बीमारी का इलाज भी बहुत महंगा है। इसके इलाज में Zolgensma नामक दवा का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन एक गरीब परिवार के लिए यह हासिल करना ही नामुमकिन है। इस दवा की कीमत करीब 18 करोड़ रुपये है। 
एशियानेट टीम को बेहद मासूम भाई-बहनों की बातें दिल को झकझोर दिया। हमने पहले तो इसकी न्यूज बनाई और केरल के लोगों से इनके मदद की अपील की। 

लोगों ने दिखाई दरियादिली

खबर का असर बेहद शानदार ढंग से हुआ। केरल के लोगों ने बेहद दरियादिली दिखाई। पहले ही दिन करीब 6 करोड़ रुपये पीडि़त परिवार के बैंक खाते में पहुंच गया। अगले दिन सुबह तक पूरे 14 करोड़ रुपये एकत्र हो चुके थे। दिन खत्म होने के पहले ही केरलवासियों ने 18 करोड़ रुपये मासूम के इलाज के लिए एकत्र कर दिया था। 

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