भाजपा का राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा सितंबर 2026 में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एकता मार्च निकालेगा। कश्मीर से रामेश्वरम तक की यह यात्रा युवाओं को डॉ. कलाम की विचारधारा और पीएम मोदी के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के विजन से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

नई दिल्ली [भारत], 29 जुलाई (एएनआई): भाजपा का राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एकता मार्च का आयोजन कर रहा है, जो सितंबर 2026 में होगा और अक्टूबर में समाप्त होगा।

सूत्रों के अनुसार, यह मार्च डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के दृष्टिकोण पर आधारित है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एकता मार्च का उद्देश्य 'जेन-Z' और भारत के युवाओं को डॉ. कलाम की विचारधारा, पीएम मोदी के 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के विजन और जनसेवा की भावना से जोड़ना है। यह मार्च देश में पेपर लीक को लेकर युवाओं के विरोध प्रदर्शन के ठीक बाद आयोजित किया गया है।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम एकता मार्च

मार्च कश्मीर से शुरू होगा और तमिलनाडु के रामेश्वरम में डॉ. कलाम मेमोरियल पर समाप्त होगा। प्रतिभागी पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से गुजरते हुए पूरे भारत की यात्रा करेंगे। 'एकजुट भारत, सशक्त भारत' के विजन पर केंद्रित इस यात्रा का संदेश आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।

यह यात्रा मार्ग मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और दरगाहों से होकर गुजरेगा, जिससे विचारों का आदान-प्रदान करने और लोगों के साथ संदेश साझा करने में सुविधा होगी। कश्मीर से शुरू होकर यह यात्रा रामेश्वरम में कलाम मेमोरियल पर समाप्त होगी, जिसमें रास्ते में लाखों युवाओं के इस पहल में शामिल होने की उम्मीद है।

"सलाम-ए-कलाम" अभियान

इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्पसंख्यक मोर्चा ने "सलाम-ए-कलाम" अभियान के तहत देशव्यापी श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया है। भारत रत्न, पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की विरासत को याद करने के लिए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्पसंख्यक मोर्चा 27 जुलाई को "सलाम-ए-कलाम" अभियान शुरू करेगा। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी के नेतृत्व में, इस अभियान में डॉ. कलाम की स्मृति में जिला मुख्यालयों पर विभिन्न कार्यक्रम होंगे।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने मोर्चा की राष्ट्रीय टीम के साथ परामर्श के बाद कार्यक्रम का विवरण फाइनल किया। उन्होंने कहा कि "सलाम-ए-कलाम" अभियान का उद्देश्य भारत के विकास, विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्र-निर्माण में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के अद्वितीय योगदान को जनता तक पहुंचाना और उन्हें उचित श्रद्धांजलि देना है। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन युवाओं और पसमांदा समुदाय सहित पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

भाजपा ने हमेशा धर्म और जाति से ऊपर उठकर महान हस्तियों का सम्मान किया है और राष्ट्रीय हित तथा राष्ट्र-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता दी है।

'एकता मार्च' का भी आयोजन

उन्होंने घोषणा की कि डॉ. अब्दुल कलाम के आवास से उनके स्मारक तक एक "एकता मार्च" का आयोजन किया जाएगा। यह मार्च राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और एक विकसित भारत के संकल्प के आदर्शों को समर्पित है। इसका उद्देश्य डॉ. कलाम के विकसित भारत के दृष्टिकोण को जनता के साथ साझा करना और जनरेशन Z सहित युवाओं को राष्ट्र-निर्माण के मिशन से जोड़ना है। इस अभियान के माध्यम से, युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के राष्ट्रीय प्रयास में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे डॉ. कलाम के दृष्टिकोण की दिशा में देश की प्रगति में तेजी आएगी।

इस अवसर पर डॉ. कलाम की एक प्रतिमा की स्थापना और जमाल सिद्दीकी के नेतृत्व में एक कार्यक्रम भी होगा जो डॉ. कलाम की प्रेरक विरासत पर प्रकाश डालेगा। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स और तमिलनाडु भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सहित कई गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। जिले में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. कलाम की प्रतिमा या चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करना, चर्चा मंच आयोजित करना और चिकित्सा शिविर लगाना जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया के माध्यम से एक विशेष जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इन पहलों के माध्यम से, डॉ. कलाम के आदर्शों, उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और एक विकसित भारत के उनके दृष्टिकोण को समाज के सभी वर्गों के लोगों तक पहुंचाया जाएगा। (एएनआई)

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