2020 के दिल्ली दंगा में मामले (Delhi Riots 2020) में दिल्ली की एक कोर्ट में कुल 49 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे। इस मामले में सुलेमान सिद्दिकी उर्फ सलमान फरार चल रहा है।

2020 Delhi Riots. दिल्ली की एक कोर्ट में मंगलवार को 49 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली दंगा मामले में आरोप पत्र जारी किए जाएंगे। इस मामले में सुलेमान सिद्दीकी उर्फ सलमान फरार चल रहा है। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली दंगों के लिए जिम्मेदार कुल 51 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में नार्थ-ईस्ट दिल्ली में 24 फरवरी 2020 को मेन वजीराबाद रोड पर शोरूम में लूटपाट और दंगे के लिए 49 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होंगे।

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नवंबर में शुरू हुई मुकदमे की सुनवाई

ए़डिशनल सेशन जज पुलस्त्य प्रमाचला ने नवंबर में मुकदमा शुरू करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने मोहम्मद आफताब नामक व्यक्ति को उसके खिलाफ ठोस सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच में घटना के पीछे भीड़ में आरोपी मोहम्मद आफताब की पहचान का कोई ठोस सबूत नहीं है, इसलिए उसे आरोपमुक्त किया जाता है। वहीं इसी मामले में मामले में आरोपी सुलेमान सिद्दीकी उर्फ ​​सलमान फरार है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कुल 51 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है। कोर्ट ने उन्हें दंगों आदि के लिए आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराधों के लिए मुकदमा चलाने के लिए उत्तरदायी पाया। एएसजे प्रमचला ने कहा कि मुझे लगता है कि सभी आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है। उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

क्या है दिल्ली दंगा मामला

दिल्ली में साल 2020 में दंगे भड़क उठे थे। तब पूर्वी दिल्ली, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों ने भयानक रुप ले लिया था। वजीराबाद शोरुम के कर्मचारियों की शिकायत और बयान के मद्देनजर कुछ आरोपियों को आजीवन कारावास तक की सजा दी जा सकती है। कई आरोपियों पर आईपीसी की धारा 450 के तहत दंडनीय अपराध का मामला बनता है। कोर्ट ने कहा है प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से पता चलता है कि आरोपी व्यक्ति गैरकानूनी जमावड़े का हिस्सा थे, जो मौके पर मौजूद थे। इन्होंने तोड़फोड़ करने और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के सामान्य उद्देश्य से हरकत की। इन्होंने फेयरडील शो रूम में आग लगा दी। अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट है कि प्रत्येक आरोपी की पहचान किसी न किसी प्रत्यक्षदर्शी द्वारा की गई है।

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