फ्रांस की वायु सेना के तीन राफेल विमानों ने तमिलनाडु सुलूर में स्थित भारतीय वायु सेना के बेस पर लैंडिग की।  2018 में फ्रांस और भारत ने सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने का समझौता किया था।  

नई दिल्ली। फ्रांस की वायु सेना के तीन राफेल लड़ाकू विमान भारत की जमीन पर उतरे हैं। विमानों ने तमिलनाडु के सुलूर में स्थित भारतीय वायु सेना के बेस पर लैंडिग की। फ्रांस की वायु सेना द्वारा लंबी दूरी के ऑपरेशन की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में विमानों को भारत में उतरना पड़ा। 

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भारत और फ्रांस के बीच सैन्य सहयोग के लिए समझौता है। 2018 में फ्रांस और भारत ने सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने का समझौता किया था। इसके तहत दोनों देशों की सेना जरूरत पड़ने पर एक दूसरे को लॉजिस्टिक और अन्य मदद देती हैं। फ्रांसीसी दल फ्रांस से उड़ान भरकर प्रशांत महासागर में स्थित अपने ठिकाने तक जा रहे थे। इस बीच उन्हें भारत में तकनीकी ठहराव के लिए लैंड करना पड़ा। 

अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही है फ्रांसीसी वायु सेना
फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल 10 से 18 सितंबर तक इंडो-पैसिफिक में लंबी दूरी के मिशन को अंजाम दे रहा है। इसे पेगेस 22 नाम दिया गया है। इस मिशन के पहले स्टेज में फ्रांस की वायु सेना लंबी दूरी तक मार करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही है। इसके लिए फ्रांस के राफेल विमान फ्रांस से उड़कर प्रशांत महासागर के न्यू कैलेडोनिया पहुंचे। 16 हजार किलोमीटर की यह यात्रा 72 घंटों के अंदर पूरी की गई। इसके लिए भारत में विमानों को उतरना पड़ा ताकि तकनीकि जांच हो सके और इंधन भरा जा सके। 

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फ्रांस के विमान 10 अगस्त की शाम को सुलूर पहुंचे थे। विमानों ने 11 अगस्त की सुबह इंधन भरने के बाद न्यू कैलेडोनिया के लिए उड़ान भरी। फ्रांस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ऑपरेशन ने फ्रांसीसी और भारतीय वायु सेना के बीच उच्च स्तर के आपसी विश्वास का प्रदर्शन किया।

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