Asianet News HindiAsianet News Hindi

केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे की जन आशीर्वाद यात्रा के खिलाफ 42 केस दर्ज, मेयर ने यात्रा को बताया छल

 मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा को छल बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा और कुछ नहीं बल्कि छल की यात्रा है।

42 FIRs registered so far in connection with the Jan Ashirvaad Yatra of Union Minister and BJP leader Narayan Rane
Author
Mumbai, First Published Aug 22, 2021, 2:49 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp


मुंबई. महाराष्ट्र में बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन नही करने पर अब तक 42 केस दर्ज कर लिया गया है। केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे की यात्रा पर अभी तक 42 केस आईपीसी और महामारी रोग अधिनियम की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। ये एफआईआर अलग-अलग थानों में दर्ज की गई हैं। बता दें कि केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे मुंबई में जन आशीर्वाद यात्रा निकालकर केन्द्र सरकार की नीतियों और योजनाओं की जानकारी जनता को दे रहे थे।

 

मेयर ने यात्रा को बताया छल
वहीं, मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा को छल बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की जन आशीर्वाद यात्रा और कुछ नहीं बल्कि छल की यात्रा है। लोग देख रहे हैं कि वे क्या कर रहे हैं और सही समय में जनता अपना 'आशीर्वाद' देगी। अगर बीजेपी वाले वास्तव में काम करना चाहते हैं, तो उन्हें लोगों के लिए COVID-19 की  वैक्सीन उपलब्ध कराने चाहिए। 

इसे भी पढ़ें- केन्द्रीय मंत्री ने कहा- शिवसेना सांसद भी पीएम मोदी के आशीर्वाद से चुने जाते हैं

शिवाजी पार्क भी गए थे राणे
जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान केन्द्रीय मंत्री नारायण राणे, शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे की समाधि पर गए थे और पुष्प अर्पित किए थे जिसके बाद शिवसैनिकों ने उस स्थान का दूध और गोमूत्र से शुद्धिकरण किया था।

इसे भी पढ़ें- इस घोड़े के कारण विवादों में घिरी सिंधिया की जन आशीर्वाद यात्रा, नाराज हो गई मेनका गांधी की संस्था

इस मामले में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने ऐसा करने वाले शिवसैनिकों की सोच पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था- यह अजीब है कि शिवसेना उन लोगों के साथ सत्ता साझा कर रही है जिन्होंने बालासाहेब ठाकरे को कैद करने की कोशिश की और उन लोगों पर हमला कर रहे हैं जो उन्हें सम्मान दे रहे हैं।  उन्होंने कहा कि जिसने भी शुद्धिकरण किया वह मूल शिव सेना को नहीं समझ पाया। शुद्धिकरण की बोली पार्टी की संकीर्णता का संकेत है। 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios