चुनाव आयोग ने कोविंद पैनल को यह भी बताया कि EVM, कर्मियों और आवश्यक सामग्री के उसके आकलन में स्थानीय निकायों के लिए एक साथ चुनाव पर विचार नहीं किया गया है।

वन नेशन वन पोल। देश में आगामी लोकसभा चुनाव 2024 के पहले वन नेशन वन पोल को लेकर चर्चा बहुत तेजी से हो रही है। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि बीते गुरुवार (14 मार्च) को पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के नेतृत्व वाली एक पैनल ने वन नेशन वन पोल पर अपनी रिपोर्ट प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को 18000 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट सौंपी गई है। 

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इस पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने कहा है कि एक साथ चुनाव कराए जाने से विकास प्रक्रिया और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा मिलेगा। वहीं वन नेशन वन पोल का सीधा मतलब ये है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं। इसी बीच पोल पैनल ने उच्च स्तरीय समिति को सूचित करते हुए बताया कि अगर 2029 में केवल लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव को एक साथ आयोजित किए जाते हैं तो चुनाव आयोग को EVM और VVPAT यूनिटों की खरीद के लिए कम से कम लगभग 8,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

चुनाव आयोग ने कोविंद पैनल को यह भी बताया कि EVM, कर्मियों और आवश्यक सामग्री के उसके आकलन में स्थानीय निकायों के लिए एक साथ चुनाव पर विचार नहीं किया गया है।नगरपालिका और पंचायत चुनाव कराना राज्य चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। इस प्रकार चुनाव आयोग ने कोविंद पैनल से कहा, "चुनावी ढांचें में बदलाव के लिए डिजाइन में किसी भी प्रस्तावित बदलाव को पूरा करने के लिए, समानता के मूल सिद्धांतों को सुनिश्चित करते हुए, बैकएंड प्रक्रियाओं की जटिल इंजीनियरिंग की आवश्यकता होगी।"

2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले 2024 चुनाव में बढ़ेगी संख्या

एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2023 में चुनाव आयोग के आकलन के अनुसार 2019 लोकसभा चुनाव में मतदान केंद्रों की संख्या 10.38 लाख थी, जो साल 2024 में बढ़कर 11.93 लाख होने की उम्मीद है। इसकी वजह से आवश्यक कर्मियों और EVM में भी वृद्धि होगी। वहीं साल 2019 में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कंपनियों की संख्या 3,146 थी, जो इस साल 50 फीसदी से बढ़कर 4,719 होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, वन नेशन वन पोल पर आधारित रिपोर्ट में चुनाव आयोग ने कहा कि अगर विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव एक साथ होते हैं तो चुनावों को कराने में जरूरी चीजों की संख्या बढ़ जाएगी।

चुनाव आयोग ने कहा EVM निर्माण में लगेगा समय

चुनाव आयोग ने कहा कि BEL और ECI द्वारा EVM के निर्माण के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता होगी अनुमान है कि 2029 में एक साथ मतदान के लिए कुल 53.76 लाख मतपत्र यूनिट, 38.67 लाख EVM की नियंत्रण यूनिट और 41.65 लाख VVPAT की आवश्यकता होगी। इसमें कहा गया है कि 26.55 लाख मतपत्र इकाइयों, 17.78 लाख नियंत्रण इकाइयों और 17.79 लाख VVPAT की कमी को पूरा करने की आवश्यकता होगी, जिसकी लागत 7,951.37 करोड़ रुपये होगी।

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