बांग्लादेश में सोमवार को एक्टर शांतो खान और उनके पिता निर्माता निर्देशक सलीम खान की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। कोलकाता फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है। 

कोलकाता। बांग्लादेश में सोमवार को शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद फैली अराजकता के दौरान एक्टर शांतो खान (Actor Shanto khan Bangladesh) और उनके पिता निर्माता निर्देशक सलीम खान की हत्या कर दी गई। भीड़ ने दोनों को पीट-पीटकर मार डाला।

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इस घटना से कोलकाता फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर फैल गई है। एक्टर रजतभा दत्ता ने कहा, "मैं यह खबर सुनकर स्तब्ध रह गया कि वह और उसके पिता मारे गए। हम नहीं जानते कि उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। यह जानकर मेरा दिल दुखा। हम जैसे कलाकार जो कला और रचनात्मकता से पनपते हैं, हमेशा शांति, सौहार्द और भाईचारे की कामना करते हैं।"

रजतभा दत्ता ने 2022 की बांग्लादेशी फिल्म ‘बिक्खोव’ (आक्रोश) में शांतो के साथ काम किया था। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश के चांदपुर में फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मेरी जरूरतों का ख्याल रखा। होटल में भी वह मेरी जरूरतों का ध्यान रखते थे। मुझे नहीं पता कि कैसे और क्यों उन्हें इतनी कम उम्र में मरना पड़ा। उनका करियर ऊपर की ओर बढ़ रहा था।"

कौन थे शंतो खान?

शंतो खान बांग्लादेशी फिल्म एक्टर थे। वह कोलकाता आकर बांग्ला भाषा की फिल्मों में भी काम करते थे। उन्होंने 2019 में पहली फिल्म 'प्रेम चोर' किया था। इसके बाद 2021 में 'पिया रे' में काम किया। 2023 में उनकी 'बुबुजान' और 2024 में 'अंतो नागार' फिल्म आई। शांतो खान और उनके पिता सलीम खान ने शेख मुजीबुर्रहमान पर फिल्म बनाई थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से भीड़ ने दोनों की हत्या की।

'पिया रे' में शांतो के साथ काम करने वाली एक्ट्रेस कौशानी मुखोपाध्याय ने कहा, "मुझे सोमवार देर रात यह बेहद परेशान करने वाली खबर मिली, तब से मैं व्यथित हूं। वह बहुत अच्छे इंसान थे। फिल्म के लिए चांदपुर और ढाका में शूटिंग हुई थी। उन्होंने मेरा और भारत के अन्य कलाकारों का बहुत अच्छा स्वागत किया था। उन्होंने कभी यह महसूस नहीं होने दिया कि हम दूसरे देश में हैं।"

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आवामी लीग के निष्कासित नेता थे सलीम खान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सोमवार रात भीड़ ने चांदपुर में शांतो और उनके पिता सलीम खान की पीट-पीटकर हत्या की थी। सलीम खान बांग्लादेश के प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस के मालिक थे। उन्होंने ‘तुंगी परार मिया भाई’, ‘कमांडो’ और अन्य फिल्मों को फाइनेंस किया था। सलीम खान आवामी लीग के निष्कासित नेता थे। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद भीड़ ने उनकी पार्टी आवामी लीग के कई नेताओं की हत्या की थी।

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