अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला मामले (Agusta Westland scam case) में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व रक्षा सचिव और भारतीय वायु सेना के चार पूर्व अधिकारियों को समन जारी किया है। सीबीआई द्वारा दायर पूरक आरोपपत्र पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। 

नई दिल्ली। एक विशेष अदालत ने सोमवार को पूर्व रक्षा सचिव, पूर्व नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG), शशिकांत शर्मा और भारतीय वायु सेना (IAF) के चार सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ समन जारी किया। कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर घोटाला (Agusta Westland case) मामले में सीबीआई द्वारा दायर पूरक आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। 

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चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी करते हुए सुनवाई की अगली तारीख 28 अप्रैल तय की। 19 सितंबर, 2020 को सीबीआई ने वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में मिशेल और आरोपी अनुमोदक राजीव सक्सेना सहित 15 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया था।

28 अप्रैल 2022 को कोर्ट में पेश होने का मिला निर्देश
विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दायर पूरक आरोपपत्र में नामजद सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया। कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को 28 अप्रैल 2022 को पेश होने का निर्देश दिया है। सीबीआई ने इससे पहले इस मामले में एक सितंबर 2017 को तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। 1 जनवरी 2014 को भारत ने अनुबंध संबंधी दायित्वों के कथित उल्लंघन और 423 करोड़ रुपए की रिश्वत देने के आरोप में IAF को 12 AW-101 VVIP हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए फिनमेकेनिका की ब्रिटिश सहायक अगस्ता वेस्टलैंड के साथ अनुबंध रद्द कर दिया था।

शशिकांत शर्मा के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी
सीबीआई को शशिकांत शर्मा के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी मिल गई है। इससे पहले, केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 3,600 करोड़ रुपए के वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे में कथित अनियमितताओं के मामले में पूर्व रक्षा सचिव और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) शशिकांत शर्मा के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी थी। जांच एजेंसी ने पूर्व एयर वाइस मार्शल और भारतीय वायु सेना के तीन अन्य पूर्व अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए भी मंजूरी मांगी थी।

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एनडीए सरकार ने रद्द कर दिया था सौदा
बता दें कि अगस्ता वेस्टलैंड मामला भ्रष्टाचार का मामला है, जिसकी जांच सीबीआई और ईडी कर रही है। यह आरोप लगाया गया है कि यूपीए शासन के दौरान बिचौलियों द्वारा शायद राजनेताओं को भी रिश्वत दी गई थी। भारत ने इतालवी रक्षा निर्माण कंपनी फिनमेकेनिका द्वारा निर्मित 12 अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों को 3600 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत पर खरीदने के लिए सहमति व्यक्त की थी। 2014 में उक्त सौदे को एनडीए सरकार ने रद्द कर दिया था।

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