जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर अमरनाथ यात्रियों की गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। हादसे में मध्य प्रदेश के 5 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें एक महिला की हालत गंभीर है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
उधमपुर (जम्मू और कश्मीर) [भारत], 10 जुलाई (एएनआई): केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। यह आश्वासन उन्होंने मध्य प्रदेश से अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के वाहन के जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर टोल्डी नाला के पास दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद दिया। इस हादसे में पांच लोग घायल हो गए, जिनमें एक महिला को गंभीर चोटें आई हैं।
केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर मिंगा शेरपा से बात की है और वह स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। सिंह ने कहा, "अभी-अभी डीसी उधमपुर मिंगा शेरपा से बात हुई, जब मध्य प्रदेश से अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे एक निजी मोटर वाहन के जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर टोल्डी नाला के पास दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर मिली। पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक महिला गंभीर रूप से घायल है और उन्हें तुरंत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू रेफर किया गया है। हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। मेरा कार्यालय लगातार संपर्क में है।"
मौके पर तुरंत पहुंचा बचाव दल
अधिकारियों के अनुसार, हादसा तब हुआ जब जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से पहलगाम की ओर जा रहे अमरनाथ यात्रियों के काफिले में शामिल एक अर्टिगा कार ने नियंत्रण खो दिया और नेशनल हाईवे-44 के किनारे एक दीवार से टकरा गई। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 137 बटालियन, गोरखा 4/3, नागरिक सुरक्षा, ट्रैफिक पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया।
घायल तीर्थयात्रियों को इलाज के लिए उधमपुर के एसोसिएटेड हॉस्पिटल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में से एक, जिनकी पहचान सीमा गुप्ता के रूप में हुई है, को गंभीर चोटें आईं और बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जम्मू रेफर कर दिया गया। आगे के विवरण की प्रतीक्षा है।
यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस बीच, अमरनाथ यात्रा 2026 कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। सीआरपीएफ ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए नेशनल हाईवे-44 पर रोड ओपनिंग पार्टी (ROP) तैनात की हैं।
इसके अलावा, सीआरपीएफ की 84वीं बटालियन ने रामबन जिले के चंद्रकोट में एक 24x7 मोबाइल हेल्थ कैंप स्थापित किया है। यह कैंप एक एडवांस्ड लाइफ सेविंग एम्बुलेंस, चिकित्सा कर्मियों और आवश्यक दवाओं से लैस है, ताकि तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। (एएनआई)
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