एशिया नेट के 'मूड ऑफ आंध्र प्रदेश' सर्वे से पता चला है कि राज्य के अधिकतर लोग चंद्रबाबू नायडू को सीएम पद पर देखना चाहते हैं। वहीं, वाईएस जगन मोहन रेड्डी की सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी अच्छा असर है। 

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2024 के साथ ही विधानसभा के चुनाव भी हो रहे हैं। यहां तेलुगु देशम, जनसेना और भाजपा ने गठबंधन किया है। सत्तारूढ़ YCP अकेले चुनाव लड़ रही है। एशिया नेट न्यूज ने लोगों की राय जानने के लिए तेलुगु में ऑनलाइन सर्वे किया। YCP और TDP के शासन की तुलना करने के साथ-साथ नेताओं वाईएस जगन और चंद्रबाबू नायडू के प्रदर्शन का आकलन करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, 'मूड ऑफ आंध्र प्रदेश' सर्वे लोगों की भावनाओं को जानना था।

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सर्वे में शामिल होने वाले अधिकतर लोगों ने लोकलुभावन उपायों की जगह विकास को प्राथमिकता देने की बात की। लोगों ने चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व पर विश्वास जताया है। वहीं, सीएम जगन मोहन रेड्डी द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी लोगों के विचार सकारात्मक दिखे। कई लोगों ने राज्य के विकास के लिए मुख्यमंत्री के रूप में नायडू को प्राथमिकता दी है।

39 प्रतिशत लोगों ने सरकार के प्रदर्शन को अच्छा माना

पिछले विधानसभा चुनावों में वाईसीपी को शानदार जीत मिली थी। वाईसीपी सरकार के पांच साल के कार्यकाल को जांच का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा किए गए काम को लेकर लोगों की राय अलग-अलग है। सर्वे में शामिल लोगों का बड़ा हिस्सा सुधार चाहता है। सर्वे में शामिल 39 प्रतिशत लोगों ने सरकार के प्रदर्शन को अच्छा माना है। वहीं, 40 प्रतिशत ने सुधार की जरूरत बताई है। 21 फीसदी लोगों ने इस बारे में अपनी राय नहीं बताई है।

कल्याणकारी योजनाएं जगन सरकार की पहचान बनकर उभरी हैं। वाईसीपी को उम्मीद है कि उसकी कल्याणकारी योजनाओं से उसे विधानसभा चुनावों में जीत मिलेगी। सर्वे में शामिल 47 प्रतिशत ने राय दी कि कल्याणकारी योजनाओं से वाईसीपी को चुनाव में लाभ होगा। 41 प्रतिशत लोगों ने इसके खिलाफ राय दी है। 13 प्रतिशत लोगों ने इसपर राय नहीं दी है।

वाईएस जगन की बहन शर्मिला कर रहीं राजनीतिक विरासत पर दावा

वाईएस जगन की बहन शर्मिला के राजनीतिक दावेदार के रूप में उभरने से राज्य की राजनीतिक स्थिति में नया आयाम जुड़ा है। शर्मिला खुद को पिता की विरासत की असली उत्तराधिकारी के रूप में पेश कर रही हैं। सर्वे में शामिल 41 प्रतिशत लोगों का मानना है कि शर्मिला की राजनीति टीडीपी, जनसेना और भाजपा गठबंधन के साथ जुड़ जाएगी। 20 प्रतिशत ने वाईसीपी को लाभ की उम्मीद जताई है। हालाँकि, 39 प्रतिशत शर्मिला के प्रभाव की सीमा के बारे में अनिश्चित हैं।

राज्य के विभाजन के बाद से टीडीपी और वाईसीपी की सरकार में हुए विकास को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। 53 प्रतिशत लोगों का मानना है कि टीडीपी की सरकार ने अधिक विकास किया था। वहीं, 38 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वाईसीपी सरकार ने विकास किया है। 9 प्रतिशत लोगों को लगता है कि दोनों पार्टियों की सरकार के दौरान विकास कम हुआ।

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सर्वे में पूछा गया था कि आप अगले पांच साल के लिए किसे मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। 47 लोगों ने चंद्रबाबू नायडू को सीएम के रूप में देखने की इच्छा व्यक्त की है। वहीं, 42 फीसदी लोगों ने कहा कि वे वाईएस जगन को फिर से सीएम बनते देखना चाहते हैं। पवन कल्याण के लिए मात्र 8 प्रतिशत लोगों ने मत दिया।

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