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Assam Clash: हिंसक झड़प के बाद twitter पर भड़काने वालीं पोस्ट, शरजील उस्मानी ने किए कई कमेंट्स

असम(Assam Clash) के दरांग जिले में गुरुवार को कब्जा हटाने के दौरान पुलिस और अतिक्रमणकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प की आड़ में देशविरोधी तत्व सोशल मीडिया के जरिये लोगों को उकसा रहे हैं।

Assam Clash, Shocking objectionable posts on social media about Hindu Muslim tension
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Guwahati, First Published Sep 24, 2021, 9:39 AM IST
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गुवाहाटी, असम. यहां दरांग जिले में गुरुवार को कब्जा हटाने के बाद पुलिस और अतिक्रमणकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोशल मीडिया पर देश विरोधी पोस्ट की जा रही हैं। इन पोस्ट के जरिये लोगों को उकसाने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि गांव की 120 बीघा जमीन प्राचीन शिव मंदिर से जुड़ी हुई थी। इस पर अब पूर्वी बंगाल मूल के मुसलमानों ने कब्जा कर रखा है। हाल में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया था। सरकार इस जमीन का इस्तेमाल कृषि परियोजना में करना चाहती है।

शरजील उस्मानी भी सक्रिय
इस मामले को लेकर हिंदू विरोधी बयानों के लिए विवादों में रहा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(AMU) का छात्र शरजील उस्मानी भी सक्रिय हुआ है। AMU में CAA-NRC के विरोध में भड़काऊ भाषण देने पर गिरफ्तार हो चुके शरजील ने असम मामले में शुक्रवार को असम भवन ब्लॉक करने का ऐलान किया है। शरजील ने tweet किया-असम में निर्दोष मुसलमानों की हत्याओं और यातनाओं के वीभत्स वीडियो देखकर जितना गुस्सा आता है। उतना ही गुस्सा हमारे दिलों में रखना काफी नहीं है! जो दिल्ली में हैं, वे इस आंदोलन में शामिल हों। शरजील ने कहा-बहुसंख्यक समुदाय को मूल रूप से कट्टरपंथी बना दिया गया है!

जानें पूरा मामला...
गुरुवार को सरकारी जमीन से कब्जा हटाने पहुंची पुलिस पर अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया था। इसमें 9 से अधिक पुलिस जवान घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में 2 लोगों की मौत हो गई। अतिक्रमणकारियों ने जब पुलिस पर पथराव और लाठियों से हमला किया, तो पुलिस को फायर करने पड़े। सिपाहझार में सोमवार से तनाव की स्थिति थी। दरांग एसपी सुशांत बिस्वा सरमा ने बताया कि अतिक्रमणकारियों ने पुलिस पर हमला किया था। बता दें कि सुशांत असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के भाई हैं। इस मामले की जांच राज्य सरकार ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से करवाने की घोषणा की है। इस मामले में राहुल गांधी ने tweet करके राज्य सरकार को दोषी माना।

सोशल मीडिया पर लोगों को उकसाने की कोशिश
असम हिंसा के बाद twitter पर #IndianMuslimsUnderAttack नाम से एक पेज बनाया गया है। इसके जरिये लोगों को उकसाने की कोशिश की जा रही है।

इसमें एक ने लिखा कि भारत में मुसलमानों के शव भी सुरक्षित नहीं है। मरने वालों को शहीद बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि पुलिस ने 800 मुस्लिम घरों को अवैध बताकर ध्वस्त कर दिया।

एक पोस्ट के जरिये भारतीय सेना पर भी टिप्पणी करते हुए कहा गया कि यह देशवासियों की रक्षक नहीं है।

कुछ दिन पहले अवैध धर्मांतरण मामले में यूपी एटीएस (ATS) ने मौलाना कलीम सिद्दीकी (maulana kaleem siddiqui) को गिरफ्तार किया है। असम हिंसा की आड़ में इस मामले को भी उछाला गया है। इसमें लिखा गया-#UPPolice #YogiAdityanath हम मुसलमानों से इतनी नफरत की कल्पना नहीं कर सकते #Islamophobia_in_india

twitter पर एक आपत्तिजनक पोस्ट के जरिये नागालैंड की स्वतंत्रता की मांग उठाई गई है। इसमें लिखा गया कि भारतीय कब्जेवाले नागालैंड आपका ध्यान चाहते हैं। वे स्वतंत्रता चाहते हैं। यूनाइटेड नेशन (UN) और आर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉपरेशन(OIC) को इस मसले पर ध्यान देना चाहिए।

भारतीय कब्जे वाले नागालैंड आपका ध्यान चाहते हैं, वे दुष्ट राज्य से स्वतंत्रता प्राप्त करना चाहते हैं! UN और OIC को इस मसले को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए!
#Indian Muslims UnderAttack

 pic.twitter.com/ioWnvQjhbJ

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