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ASSAM RIFLES SIEZES NARCOTICS: भारत-म्यांमार बॉर्डर से 500 करोड़ की ब्राउन शुगर और अन्य DRUGS पकड़ी

Imphal (इम्फाल). ड्रग्स माफिया(drugs mafia) के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बल ने मिलकर भारत-म्यांमार बॉर्डर से सटे शहर मोरेह के एक घर में छापा मारकर 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा का प्रतिबंधित नारकोटिक्स पदार्थ(NARCOTICS) का बड़ा जखीरा ज़ब्त किया है। 

ASSAM RIFLES SIEZES NARCOTICS WORTH RS 500 CRORES IN MOREH, MANIPUR
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Imphal, First Published Dec 8, 2021, 11:56 AM IST
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Imphal (इम्फाल). ड्रग्स माफिया(drugs mafia) के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बल ने मिलकर भारत-म्यांमार बॉर्डर से सटे शहर मोरेह के एक घर में छापा मारकर 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा का प्रतिबंधित नारकोटिक्स पदार्थ(NARCOTICS) का बड़ा जखीरा ज़ब्त किया है। इसे देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाना था। बता दें कि ड्रग्स तस्करी के जरिये आतंकवादी फंड जुटाते हैं।

असम राइफल ने छेड़ा हुआ है अभियान
असम राइफल्स(ASSAM RIFLES) की मोरेह बटालियन(Moreh Battalion)ने  6 दिसंबर को  सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर मणिपुर के सीमावर्ती शहर मोरेह में मणिपुर पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान शुरू किया। यहां से 500 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित मात्रा में नशीले पदार्थों का पता लगाया। टीम ने म्यांमार मूल के एक तस्कर को पकड़ा है। जब्त किए गए नशीले पदार्थों में लगभग 54 किलोग्राम ब्राउन शुगर (Brown Sugar) और 154 किलोग्राम मेथामफेटामाइन (Methamphetamineआइस मेथ) शामिल हैं।

आतंकवादियों की फंडिंग का एक मुख्य जरिया
ड्रग्स तस्करी के जरिय आतंकवादी अपने लिए फंडिंग जुटाते हैं। असम राइफल्स सीमा पार से नार्को-आतंकवाद और म्यांमार से निकलने वाले उग्रवाद का मुकाबला करने में सबसे आगे हैं। सूत्रों के अनुसार यह नार्को-आतंकवाद म्यांमार में स्थित भारतीय आतंकवादी समूहों के लिए वित्त का एक प्रमुख स्रोत है। यहां के जरिये भारत के युवाओं में विशेष रूप से उत्तर पूर्व क्षेत्र में ड्रग्स सप्लाई की जाती है। असम राइफल्स ने कहा कि आतंकवादियों और नार्को-आतंकवाद से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन और पुलिस के साथ निकट समन्वय में व्यापक अभियान चलाना जारी रखेगी।

कई जगहों पर सप्लाई किया जाना था
इस ड्रग्स को देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाना था। असम राइफल्स यह पता करने की कोशिश कर रही है कि इसे कौन रिसीव करने वाला था। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद ड्रग्स तस्करों को बड़ा झटका लगा है।

भारत में गांजे की स्मगलिंग
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने हाल में भारत में ड्रग्स तस्करी (Smuggling) पर एक रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार एक साल के अंतराल के बाद बिहार (Bihar) में फिर से सबसे अधिक गांजा (Hemp) बरामद हुआ। 2020-21 में बिहार में 12 मामलों में 13,446 किलोग्राम गांजा पकड़ा था। नागालैंड में दस मामलों से 9,001 किलोग्राम और उत्‍तर प्रदेश में छह मामलों में 8,386 किलोग्राम गांजा जब्त हुआ था। डीआरआई ने देश में लगभग 45 मीट्रिक टन गांजा सीज किया है। इन प्रदेशों के अलावा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में बड़ी मात्रा में गांजा पकड़ा गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 2020-21 में तस्करों ने कोरियर और पोस्टल कार्गो को ड्रग्स तस्करी में सबसे अधिक इस्तेमाल किया।

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