पंजाब के तरनतारन में शौर्य चक्र से सम्मानित एक्टिविस्ट बलविंदर सिंह की हत्या कर दी गई। बलविंदर पर अचानक कुछ लोगों ने घर में घुसकर गोलियां बरसा दीं।  इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बलविंदर सिंह ने पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद के दौर में बहादुरी से आतंकियों का मुकाबला किया था। 

तरनतारन. पंजाब के तरनतारन में शौर्य चक्र से सम्मानित एक्टिविस्ट बलविंदर सिंह की हत्या कर दी गई। बलविंदर पर अचानक कुछ लोगों ने घर में घुसकर गोलियां बरसा दीं। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बलविंदर सिंह ने पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद के दौर में बहादुरी से आतंकियों का मुकाबला किया था। उन पर 42 बार आतंकियों ने हमला किया था। इसके लिए उन्हें परिवार समेत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। 

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बलविंदर सिंह भिखीविंड में रहते थे। शुक्रवार सुबह 7 बजे वे घर पर ही थे, तभी अचानक कुछ लोगों ने घरों में घुसकर फायरिंग कर दी। इससे बलविंदर की मौत हो गई। बलविंदर ने इस हमले के पीछे आतंकियों का हाथ होने का अंदेशा जताया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले में कुछ नहीं कहा। 

कुछ समय पहले ली गई थी सुरक्षा वापस
पंजाब सरकार ने कुछ समय पहले ही बलविंदर की सुरक्षा वापस ली थी। इस फैसले का उन्होंने विरोध भी किया था। इससे पहले भी बलविंदर पर हमले हो चुके थे। 2017 में भी अज्ञात हमलावरों ने उनके घर पर फायरिंग की थी। हालांकि, इसमें उनका परिवार बच निकला था। 

शौर्य चक्र से थे सम्मानित
पंजाब में जब आतंकवाद चरम पर था, उस वक्त बलविंदर सिंह पर 42 बार हैंड ग्रेनेड और रॉकेट लॉन्चर से हमले हुए। उन्होंने हर बार आतंकियों से मुकाबला किया। उन्होंने कई आतंकी भी मार गिराए। बलविंदर सिंह को 1993 में राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। उनके साथ पत्नी जगदीप कौर, भाई रणजीत सिंह और भूपिंदर सिंह को भी सम्मानित किया गया था। बलविंदर अपने घर के पास स्कूल चलाते थे। उनकी जीवन पर कई टेलीफिल्म भी बनी थीं।