बेंगलुरु बीते कई महीनों से भीषण जल संकट से गुजर रहा है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने कई तरह के कड़े नियम लागू किए है। हालांकि, इसी बीच IPL की की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) जल संकट के ऊबारने के लिए आगे आया है।

बेंगलुरु जल संकट। बेंगलुरु बीते कई महीनों से भीषण जल संकट से गुजर रहा है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन ने कई तरह के कड़े नियम लागू किए है। हालांकि, इसी बीच IPL की की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) जल संकट के ऊबारने के लिए आगे आया है। इसके लिए आईपीएल फ्रेंचाइजी ने गो ग्रीन पहल के तहत तीन झीलों का कायाकल्प किया है। इंडिया केयर्स फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, कन्नूर झील में नागरिक सुविधाएं जोड़ते हुए, इट्टगलपुरा झील और सादेनहल्ली झील का रिनोवेशन का काम पूरा कर लिया गया है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने पिछले अक्टूबर में प्रतिबद्धता दिखाते हुए झील सुधार कार्य परियोजना शुरू की थी, जिसमें उक्त क्षेत्रों में जल निकायों को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया था। इसकी सबसे बड़ी वजह ये थी कि जल बोर्ड के पास कावेरी का पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इस तरह से वे पूरी तरह से भूजल और सतही जल पर निर्भर थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इत्तगलपुरा झील और सादेनहल्ली झील से 1.20 लाख टन से अधिक गाद और रेत हटाई गई है। मिट्टी का इस्तेमाल झीलों के पार बांध और रास्ते बनाने के लिए किया गया है और 52 किसानों ने इसे अपने खेतों के लिए ऊपरी मिट्टी के रूप में भी इस्तेमाल करने के लिए लिया।

RCB के कोशिशें लाई रंग

RCB के कोशिशों का नतीजा ये हुआ कि झीलों की जल धारण क्षमता 17 एकड़ तक बढ़ गई है। कन्नूर के आसपास इकोसिस्टम में सुधार के उद्देश्य से झील, जातीय-औषधीय पौधों के पार्क, बांस पार्क और तितली पार्क बनाए गए हैं। आरसीबी के उपाध्यक्ष और प्रमुख राजेश मेनन ने PTI को बताया कि हमने स्वाभाविक रूप से बेंगलुरु में प्रमुख झीलों के जीर्णोद्धार का नेतृत्व करके अपने स्थानीय समुदाय का समर्थन करने के लिए अपना ध्यान केंद्रित किया। ये झीलें न केवल पड़ोसी गांवों के लिए महत्वपूर्ण भूजल स्रोतों के रूप में काम करती हैं बल्कि स्थानीय आजीविका की रीढ़ भी बनती हैं।

ये भी पढ़ें: ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव को लेकर एलन मस्क ने की अनोखी अपील, कही ये बात