बीजेपी और जदयू के बीच शह-मात का खेल शुरू हो चुका है। अरुणाचल प्रदेश में जदयू विधायकों को बीजेपी में शामिल करा चुकी बीजेपी ने मणिपुर में भी छह में से पांच जदयू विधायकों को तोड़ ली है। बिहार में बीजेपी को झटका देने के बाद बीजेपी ने मणिपुर में नीतीश कुमार की पार्टी को झटका दे दिया है। 

नई दिल्ली। मणिपुर में जदयू विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर हमला हुए हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि अगर सभी विपक्षी दल एक साथ लड़ेंगे तो 2024 के चुनावों में बीजेपी 50 सीटों से नीचे आ जाएगी। उन्होंने इशारा किया कि वह सभी विपक्षी दलों को साथ लाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालांकि, राष्ट्रीय राजनीति में पीएम मोदी का विकल्प के रूप में विपक्ष का चेहरा बनने को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर नीतीश खुलकर बोलने से परहेज कर रहे हैं। 

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दरअसल, नीतीश कुमार ने एकता का आह्वान अपने दल जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में किया। पटना में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी के दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि वह राष्ट्रीय राजनीति में एक नया समीकरण बनाने के लिए अगले कुछ ही दिनों में दिल्ली का दौरा करेंगे और सीनियर व टॉप लीडर्स से मुलाकात करेंगे। हालांकि, नीतीश कुमार ने अपने कार्यक्रम या रणनीति के बारे में अधिक कुछ नहीं बताया 

मणिपुर में बीजेपी में शामिल हुए नीतीश के पांच एमएलए

दरअसल, मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार के जनता दल यूनाइटेड के विधायकों को तोड़ दिया है। छह में से पांच विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं। कुछ दिनों पहले ही जदयू, यहां बीजेपी गठबंधन से अलग होने का संकेत दे दिया था। गठबंधन तोड़ने के पहले ही बीजेपी ने जदयू विधायकों का ही दलबदल करवा दिया। 

बीजेपी नेता सुशील मोदी ने किया कटाक्ष

मणिपुर में जदयू विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद बिहार बीजेपी के नेता व सांसद सुशील कुमार मोदी ने नीतीश कुमार व उनकी पार्टी पर कटाक्ष किया है। मोदी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के बाद अब मणिपुर भी जदयू मुक्त हो गया है। बहुत जल्द लालूजी बिहार को जेडीयू मुक्त बनाएंगे। 

जदयू ने किया पलटवार

पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी के तंज पर जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने अरुणाचल प्रदेश व मणिपुर में गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया। जदयू के सात विधायक एनडीए में शामिल थे लेकिन फिर भी बीजेपी ने उनका विलय करवा लिया। मणिपुर में पैसों का खेल हुआ है। विधायकों को पैसा देकर बीजेपी खरीदने का काम कर रही है।
लल्लन सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली व झारखंड में विपक्षी दलों का शासन है। इन प्रदेशों में केंद्र सरकार के इशारे पर एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। यह मोदी सरकार 2024 के लोकसभा चुनावों के पहले की दहशत और कुंठा का परिणाम है। बीजेपी डर और हताशा में आकर कार्रवाई करवा रही है। हालांकि, उन्होंने बिहार में ईडी या सीबीआई के डर से इनकार किया।

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