मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बीजेपी ने कई सीनियर नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को विधानसभा का टिकट दिया है। अब इसे लेकर नाराजगी भी सामने आने लगी है। 

Kailash Vijayvargiya. मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के बीजेपी ने सीनियर लीडर कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर-1 विधानसभा सीट से टिकट दिया है। बीजेपी ने केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों को भी विधानसभा के टिकट दिए हैं, जिसे लेकर अब नाराजगी सामने आने लगी है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब उन्हें टिकट मिला तो वे आश्चर्य में पड़ गए।

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कैलाश विजयवर्गीय ने टिकट मिलने पर क्या कहा

बीजेपी के सीनियर लीडर और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय विधानसभा का टिकट पाने से नाराज दिख रहे हैं। पहले तो उन्होंने कहा कि वे टिकट मिलने पर सरप्राइज थे। अब वे कह रहे हैं कि मैं सीनियर लीडर हूं और क्या अब मैं लोगों से हाथ जोड़कर वोट मांगता फिरूं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी 1 प्रतिशत भी इच्छा विधानसभा चुनाव लड़ने की नहीं है। 67 वर्षीय नेता ने कहा कि टिकट मिलने वे अंदर से अच्छा फील नहीं कर रहे हैं। कहा कि सच कह रहा हूं मेरी इच्छा चुनाव लड़ने की नहीं है। चुनाव के लिए एक माइंडसेट बनाना होता है। मैं सीनियर लीडर हूं और मेरा काम है रैली में पहुंचकर स्पीच दूं और चला आउं। अब क्या मुझे घर-घर जाकर हाथ जोड़कर वोट मांगना पड़ेगा।

इंदौर-1 से मिला है विजयवर्गीय को टिकट

कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर-1 विधानसभा सीट से विधायकी लड़ने का टिकट बीजेपी ने दिया है। वे पहले भी इंदौर के मेयर रह चुके हैं। वे मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि उन्होंने कुल 8 रैलियों की प्लानिंग की थी। 5 रैलियां हेलीकॉप्टर से करता और 3 रैलियां कार से जाकर करता लेकिन आप जो सोचते हैं, वह नहीं होता है। भगवान ही जानते हैं कि क्या होने वाला है। मुझे अभी तक विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रहा हूं।

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