बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि भारत में रेप केस के मामले में राजस्थान सबसे टॉपर है। यहां 2021 में रेप के 6340 केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब इस पर अशोक गहलोत से सवाल किया गया तो उन्होंने बेहद असंवेदनशील जवाब दिया। यह बहुत ही खराब स्थिति है। गहलोत के राज्य में लॉ एंड आर्डर की स्थिति बेहद खराब है। 

नई दिल्ली। राजस्थान (Rajasthan) में बढ़ते रेप केसेस को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के बयान पर बीजेपी (BJP) ने हमला बोला है। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा (Sambit Patra) ने कहा कि अशोक गहलोत ने महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाया है। महिलाओं को लेकर मुख्यमंत्री का बयान निंदनीय है और बीजेपी इस बयान की निंदा करती है। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी डेटा के अनुसार राजस्थान में जहां कांग्रेस सरकार है वहां रेप के मामले सबसे अधिक हैं। 

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महिलाओं को लेकर असंवेदनशील हैं गहलोत

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि भारत में रेप केस के मामले में राजस्थान सबसे टॉपर है। यहां 2021 में रेप के 6340 केस दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब इस पर अशोक गहलोत से सवाल किया गया तो उन्होंने बेहद असंवेदनशील जवाब दिया। यह बहुत ही खराब स्थिति है। गहलोत के राज्य में लॉ एंड आर्डर की स्थिति बेहद खराब है। 

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क्या कहा था अशोक गहलोत ने?

दरअसल, एनसीआरबी के आंकड़ों में रेप के मामलों में राजस्थान टॉप पर होने से अशोक गहलोत ने कहा कि यह आंकड़ें राज्य में अनिवार्य एफआईआर की वजह से है। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 56 प्रतिशत मामले सामने आए हैं उसमें अधिकतर असत्य हैं। झूठे मामले दर्ज करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। गहलोत ने कहा कि रेप की घटनाओं को कौन अंजाम देता है। क्या कोई विदेश से आकर ऐसा करता है। अधिकतर मामलों में महिला के रिश्तेदार, परिचित या कोई करीबी ही करता है। 56 प्रतिशत मामले तो झूठे निकलते हैं। एनसीआरबी की रिपोर्ट में रेप के मामलों में वृद्धि इसलिए भी हुई है क्योंकि राजस्थान में शत प्रतिशत एफआईआर का आदेश दिया गया है। पुलिस में एफआईआर दर्ज कराना और अपराध में वृद्धि दो अलग-अलग स्थितियां हैं। एफआईआर कोई भी करा सकता है लेकिन वह सही है या गलत यह तो विवेचना के बाद तय होती है। एफआईआर तो सबका अधिकार है। कांग्रेस शासित राज्य में सबकी रिपोर्ट दर्ज होती है न कि किसी किसी की। इसके आधार पर राजस्थान को बदनाम करने का अधिकार किसी को नहीं है।

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