बॉम्बे हाईकोर्ट ने री-नीट परीक्षा के नतीजों को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने मूल आंसर-शीट की जांच के बाद NTA के मूल्यांकन में कोई गलती नहीं पाई और प्रत्येक याचिकाकर्ता पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट की छत्रपति संभाजीनगर बेंच ने री-नीट परीक्षा के परिणामों को चुनौती देने वाली सभी चार याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही प्रत्येक याचिकाकर्ता पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित परिणाम गलत थे और आंसर-शीट के मूल्यांकन में गड़बड़ियां थीं।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस एनबी सूर्यवंशी और जस्टिस एडी शिंदे की डिवीजन बेंच ने की।

कोर्ट ने दिल्ली से मंगवाईं ओरिजिनल आंसर-शीट

सुनवाई के दौरान, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने संबंधित छात्रों की मूल आंसर-शीट को दिल्ली से सीलबंद लिफाफे में लाने का निर्देश दिया।

आंसर-शीट को अदालत के सामने पेश किया गया और बेंच ने उनकी जांच की। छात्रों, उनके माता-पिता और उनके वकीलों को भी मूल आंसर-शीट का निरीक्षण करने का अवसर दिया गया।

NTA के नतीजों पर लगी मुहर

रिकॉर्ड की जांच के बाद, अदालत ने पाया कि NTA द्वारा दिए गए अंक और घोषित परिणाम मूल आंसर-शीट के अनुरूप थे। नतीजों में कोई त्रुटि या विसंगति नहीं पाई गई।

सुनवाई के दौरान केंद्र और NTA की ओर से वरिष्ठ पैनल के वकील रोहित सर्वज्ञ पेश हुए और उन्होंने सभी मूल दस्तावेज अदालत के सामने प्रस्तुत किए।

सभी तथ्यों और मूल रिकॉर्ड की जांच के बाद, अदालत ने सभी चारों याचिकाओं को खारिज कर दिया। साथ ही, गलत और असत्यापित जानकारी के आधार पर अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए प्रत्येक याचिकाकर्ता पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ, री-नीट परीक्षा के संबंध में NTA द्वारा घोषित परिणामों को न्यायिक पुष्टि मिल गई है।

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