कर्नाटक सरकार के राजस्व मंत्री आर अशोक ने कड़ी चेतावनी देते हुए गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार CAA के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों की संपत्तियां जब्त करेगी।

बेंगलुरु. नागरिकता कानून के खिलाफ जारी विरध थमने का नाम नहीं ले रहा है। कानून के विरोध में आए दिन प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस दौरान कई जगहों पर बीते दिनों हुए हिंसात्मक घटनाओं के बाद से राज्य सरकारें एक्शन मोड में आ गई हैं। जिसका नतीजा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राह पर कर्नाटक सरकार भी चलने की तैयारी में है। जिसमें कर्नाटक सरकार के राजस्व मंत्री आर अशोक ने कड़ी चेतावनी देते हुए गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार CAA के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों की संपत्तियां जब्त करेगी।

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कानून का करें पालन 

राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कानून का पालन करना चाहिए और सरकार को इस तरह की कार्रवाई करने का मौका नहीं देना चाहिए। अशोक ने कहा, ‘जिस तरह उत्तर प्रदेश सरकार ने हिंसा में लिप्त लोगों की संपत्तियों को जब्त करने का फैसला किया है, उसी तरह यदि यहां इस तरह की हिंसा होती है तो कर्नाटक में भी इस तरह की कार्रवाई की जाएगी।’

हिंसा फैलाने वालों पर सरकार से कार्रवाई की मांग 

इस बीच, कर्नाटक भाजपा की महासचिव और सांसद शोभा करंदलाजे ने भी राज्य सरकार से उन लोगों की पहचान करने का आग्रह किया है, जिन्होंने राज्य में विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों को क्षतिग्रस्त किया है और उन्हें इसके लिए भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा, ‘उन्हें छोड़ा नहीं जाना चाहिए, किसी को सार्वजनिक संपत्ति नष्ट करने का अधिकार नहीं है... कोई भी विरोध कर सकता है, लेकिन अगर वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, तो सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे इसके लिए भुगतान करें.’

दो लोगों की हुई थी मौत 

राज्य में पिछले सप्ताह सीएए के विरोध में प्रदर्शन हुए। इस दौरान अराजकतत्वों ने हिंसात्मक घटनाओं को अंजाम दिया। यह प्रदर्शन मेंगलुरु में हिंसक हो गया था और कथित पुलिस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी। सीएए का बचाव करते हुए अशोक ने कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है और हर किसी को यहां के कानून का पालन करना होगा। 

यूपी में सरकार ने लिया यह निर्णय 

पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विरोध के दौरान हिंसा की घटित हुई। जिसके बाद एक्शन में आई योगी सरकार ने हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई हिंसा करने वालों से कराने का निर्णय लिया। जिसके बाद राज्य के कई जिलों में हुए हिंसा के बाद पुलिस अराजकतत्वों की पहचान कर नुकसान की भरपाई करने का नोटिस जारी कर रही है।