भारत का चीन और पाकिस्तान के साथ विवाद चल रहा है। इसी बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत ने गुरुवार को कहा कि भारत इस वक्त दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए युद्ध के स्पेक्ट्रम को पूरा करने के लिए अन्य देशों द्वारा अपनाई गई परिवर्तन अवधारणाओं का अध्ययन करने की जरूरत है। 

नई दिल्ली. भारत का चीन और पाकिस्तान के साथ विवाद चल रहा है। इसी बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत ने गुरुवार को कहा कि भारत इस वक्त दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसलिए युद्ध के स्पेक्ट्रम को पूरा करने के लिए अन्य देशों द्वारा अपनाई गई परिवर्तन अवधारणाओं का अध्ययन करने की जरूरत है। 

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जनरल रावत ने कहा, भारत जटिल सुरक्षा और चुनौतीपूर्ण वातावरण का सामना कर रहा है। ऐसे में हमें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति, उच्च रक्षा रणनीतिक मार्गदर्शन, उच्च रक्षा और संचालन संगठन में संरचनात्मक सुधारों को परिभाषित करने जैसे कुछ अहम कदम उठाने होंगे।

चीन ने चल रहा पिछले 10 महीने से विवाद
पिछले 10 महीने से भारत और चीन पूर्वी लद्दाख में विवाद चल रहा है। हाल ही में दोनों देशों की सेनाओं ने पैंगोंग त्सो झील के उत्तर और दक्षिण में डिसइंगेजमेंट किया है। अभी देपसांग, हॉट स्प्रिंग और गोगरा में विवाद सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है। 

युद्ध के चरित्र और प्रकृति में गहरा परिवर्तन हुआ- रावत
जनरल बिपिन रावत गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, '20वीं शताब्दी में सूचना समावेश और तकनीकी विकास के कारण युद्ध के चरित्र और प्रकृति में गहरा परिवर्तन देखा गया है। 

उन्होंने कहा, देश की नीति के एक साधन के रूप में सैन्य शक्ति को विभिन्न स्तरों पर बदलने की जरूरत है। जिसमें जमीनी रणनीतिक यानी राजनीतिक सैन्य, रणनीतिक संचालन और समारिक स्तर शामिल हैं।