केंद्र जम्मू कश्मीर के 40000 से अधिक पंचों और सरपंचों को आतंकवादियों से खतरे के मद्देनजर चार-चार लाख रुपये का बीमा कवर देने पर विचार कर रहा है। 

नई दिल्ली. केंद्र जम्मू कश्मीर के 40000 से अधिक पंचों और सरपंचों को आतंकवादियों से खतरे के मद्देनजर चार-चार लाख रुपये का बीमा कवर देने पर विचार कर रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के बाद सबसे निचले स्तर के इन निर्वाचित निकायों के नेताओं को जम्मू कश्मीर में पर लागू होने वाले केंद्रीय कानूनों तथा उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी देने की भी योजना बना रहा है।

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चार-चार लाख का मिल सकता है बीमा 
मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम जम्मू कश्मीर के सभी पंचों और सरपंचों को चार-चार लाख रुपये का बीमा कवर प्रदान करने पर विचार कर रहे हैं।’’ जम्मू कश्मीर के पंचों और सरपंचों के हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने और आतंकवादियों से खतरे के मद्देनजर उन्हें बीमा कवर मुहैया कराने का अनुरोध करने के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने पंचों और सरपंचों के लिए दो-दो लाख रुपये के बीमा कवर की मांग की थी लेकिन केंद्र सरकार उन्हें चार-चार लाख रुपये का बीमा कवर देने की योजना बना रही है।

पंच और सरपंच को मिलेगी कानून की जानकारी 
जम्मू कश्मीर में पिछले साल पंचायत चुनाव हुए थे जिसमें 40,000 से अधिक पंच और सरपंच इन स्थानीय निकायों के लिये निर्वाचित हुए थे। गृह मंत्रालय ने पंचायती राज मंत्रालय से पंचों और सरपंचों को जम्मू कश्मीर में लागू होने वाले केंद्रीय कानूनों की भी जानकारी देने को कहा है। साथ ही उन्हें यह भी बताने को कहा कि वे कैसे लोगों और पंचायतों को लाभ पहुंचायेंगे।

पंचायतों को मिलने लगा है लाभ 
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिये केंद्रीय धन पंचायतों में पहुंचने लगा है। केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को प्राप्त विशेष राज्य का दर्जा पांच अगस्त को समाप्त करने और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा की थी।

(यह खबर न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा की है। एशियानेट हिंदी की टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)