अहमदाबाद विमान हादसा कब और कहां हुआ था? एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 किस रूट पर जा रही थी? विमान में कुल कितने यात्री और क्रू मेंबर सवार थे? हादसे में कुल कितने लोगों की मौत हुई थी? इस विमान हादसे में कितने लोग जीवित बचे थे? विश्वास रमेश विमान हादसे से कैसे बच गए?

Air India AI171 Crash: एक साल पहले गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भयावह हादसे में केवल एक व्यक्ति जीवित बचा था, जबकि बाकी सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौत हो गई थी। हादसे के बाद जीवित बचे यात्री विश्वासकुमार रमेश की तस्वीरें दुनियाभर के मीडिया में दिखाई गई थीं। तस्वीरों में वे खून से सनी टी-शर्ट पहने और हाथ में मोबाइल फोन लिए दुर्घटनास्थल से दूर जाते नजर आए थे। अब हादसे के एक साल बाद, विश्वास रमेश ने बताया है कि वे आज भी उस घटना की यादों और उसके मानसिक प्रभाव से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाए हैं।

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विश्वास रमेश ने बताया हादसे के बाद का संघर्ष

39 वर्षीय विश्वास रमेश का कहना है कि लोग अक्सर यह देखते हैं कि वे बच गए, लेकिन उनके सामने आने वाली चुनौतियों को नहीं समझ पाते। उन्होंने कहा, "लोग देखते हैं कि मैं बच गया हूं, लेकिन वे यह नहीं देख पाते कि बंद दरवाजों के पीछे मुझे किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। एक साल बाद भी मैं अपनी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने और अपने परिवार की हर संभव मदद करने की कोशिश कर रहा हूं।" रमेश ने बताया कि वे आज भी नींद न आने, एंग्जायटी और हादसे से जुड़ी दर्दनाक यादों से जूझ रहे हैं।

Air India AI171 Crash में कितने लोगों की हुई थी मौत?

12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी। विमान में 12 क्रू मेंबर समेत कुल 242 लोग सवार थे। उड़ान भरने के लगभग 32 सेकंड बाद बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास और कैंटीन की इमारत पर गिर गया। इस दुर्घटना में कुल 260 लोगों की जान गई थी। इनमें विमान में सवार 241 यात्री और क्रू मेंबर और जमीन पर मौजूद 19 लोग शामिल थे।

हादसे में भाई को भी खो चुके हैं विश्वास रमेश

ब्रिटेन के लेस्टर शहर में रहने वाले विश्वास रमेश ने इस दुर्घटना में अपने भाई अजय रमेश को खो दिया था। उनका कहना है कि इस हादसे ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा, मैं जीवित बचने के लिए शुक्रगुजार हूं, लेकिन जीवित बच जाना कहानी का केवल एक हिस्सा है। इसके बाद जो कुछ मैंने झेला है, उसे शब्दों में बयान करना बहुत मुश्किल है।" उन्होंने यह भी बताया कि वे आज भी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

कानूनी सहायता और पुनर्वास के लिए चल रही प्रक्रिया

विश्वास रमेश ने अपने हितों की रक्षा और संभावित सिविल दावों का मूल्यांकन करने के लिए ब्रिटेन की कानूनी फर्म Hudgell Solicitors को नियुक्त किया है। यह फर्म हादसे से जुड़े संभावित मुआवजे और अन्य कानूनी विकल्पों पर काम कर रही है। साथ ही, शारीरिक और मानसिक पुनर्वास सहायता को लेकर एयर इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत भी जारी है।

एयर इंडिया ने क्या कहा?

एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "एयर इंडिया AI171 त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों की देखभाल और सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ प्रतिबद्ध है।" लेस्टर के कम्युनिटी लीडर और रमेश परिवार के सलाहकार संजीव पटेल ने बताया कि विश्वास रमेश आज भी गंभीर मानसिक सदमे से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा, "वे बिना किसी सहारे के घर से बाहर नहीं निकल पाते। वे गहरे सदमे में हैं और इस हादसे के घाव लंबे समय तक, शायद पूरी जिंदगी, उनके साथ रह सकते हैं।" पटेल ने कहा कि इस दुर्घटना से प्रभावित सभी परिवार अब भी कठिन दौर से गुजर रहे हैं और विश्वास रमेश तथा उनका परिवार विशेष रूप से बेहद दर्दनाक परिस्थितियों का सामना कर रहा है।

हादसे की जांच में भी शामिल हुए विश्वास रमेश

मार्च 2026 में विश्वास रमेश ने अहमदाबाद में एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच (AAIB) के अधिकारियों से मुलाकात की थी। यह मुलाकात हादसे की आधिकारिक जांच के तहत हुई थी। ब्रिटेन की एयर एक्सीडेंट्स इन्वेस्टिगेशन ब्रांच, जो भारतीय जांच एजेंसियों को तकनीकी सहयोग दे रही है, ने कहा कि उनकी संवेदनाएं इस हादसे से प्रभावित सभी देशों और परिवारों के साथ हैं।

एक साल बाद भी जारी है दर्द

हादसे को एक साल बीत चुका है, लेकिन विश्वास रमेश के लिए यह दर्दनाक अध्याय अभी समाप्त नहीं हुआ है। अपने भाई को खोने का दुख, मानसिक आघात और सामान्य जीवन में लौटने की कोशिशें आज भी उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनी हुई हैं। उनके लिए जीवित बचना एक चमत्कार जरूर था, लेकिन उस चमत्कार के बाद की लड़ाई अब भी जारी है।