प्रधानमंत्री मोदी और उपराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए चंडीगढ़ में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। जिला प्रशासन ने 10, 16 और 17 जुलाई को पूरे केंद्र शासित प्रदेश को ड्रोन और यूएवी के लिए 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित कर दिया है। आदेश का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
चंडीगढ़ (पंजाब) [भारत], 9 जुलाई (एएनआई): चंडीगढ़ प्रशासन ने दो वीवीआईपी दौरों से पहले 10 जुलाई और 16-17 जुलाई को पूरे केंद्र शासित प्रदेश को ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहनों (यूएवी) के लिए 'नो फ्लाइंग जोन' घोषित कर दिया है। इन दौरों में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का शिमला दौरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस क्षेत्र का दौरा शामिल है।
क्यों और किसने जारी किया आदेश?
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव, आईएएस, ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत दो अलग-अलग आदेश जारी किए। इसमें इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज (आईईडी) ले जाने वाले ड्रोन से बढ़ते खतरे और वीवीआईपी व आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता का हवाला दिया गया है।
कब-कब लागू रहेगी पाबंदी?
आदेशों के अनुसार, 10 जुलाई को एक वीवीआईपी का चंडीगढ़ दौरा निर्धारित है, जबकि 17 जुलाई को एक और वीवीआईपी की आवाजाही की योजना है। एहतियात के तौर पर, अधिसूचित अवधियों के दौरान पूरे केंद्र शासित प्रदेश में ड्रोन और यूएवी की उड़ान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध क्रमशः 10 जुलाई को 00:00 बजे से 10 जुलाई के अंत तक और 16 जुलाई को 00:00 बजे से 17 जुलाई के अंत तक लागू रहेंगे।
इन्हें मिलेगी प्रतिबंध से छूट
इन आदेशों में कानून प्रवर्तन और सुरक्षा एजेंसियों को छूट दी गई है, जिसमें पुलिस, अर्ध-सैनिक बल, भारतीय वायु सेना, एसपीजी कर्मी और सक्षम सरकारी प्राधिकरण द्वारा विशेष रूप से अधिकृत कोई भी अन्य व्यक्ति शामिल हैं।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि सुरक्षा स्थिति की आपातकालीन प्रकृति को ध्यान में रखते हुए निषेधाज्ञा के आदेश जारी किए गए हैं और इन्हें एकतरफा रूप से लागू किया गया है। आदेशों का कोई भी उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 और कानून के अन्य लागू प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करेगा।
इन आदेशों को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय, जिला न्यायालय, चंडीगढ़ के नोटिस बोर्ड और जनसंपर्क विभाग के माध्यम से स्थानीय समाचार पत्रों के जरिए प्रचारित किया जाएगा। (एएनआई)
(Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)