NEET-UG पेपर लीक का राज किसी प्रिंटिंग प्रेस में नहीं, NTA के गोपनीय कमरे में छिपा था! 3 शिक्षकों, 111 हस्तलिखित सवालों और एक ब्यूटीशियन की कड़ी ने खोला करोड़ों के कथित खेल का राज। CBI की चार्जशीट के विश्लेषण में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
NEET-UG Paper Leak: NEET-UG पेपर लीक मामले में अब तक आपने कोचिंग माफिया, बिचौलियों और सॉल्वर गैंग की कहानियां सुनी होंगी, लेकिन इस पूरे कांड की असली कहानी इससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाली है। वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी ने डीडी न्यूज़ (DD News) के अपने विशेष शो 'DECODE' में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट का विश्लेषण करते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया है। नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा का पेपर किसी बाहरी प्रिंटिंग प्रेस से नहीं, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ही तीन विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के विश्वासघात और एक सुनियोजित कमर्शियल 'बिजनेस मॉडल' की वजह से लीक हुआ था। 77 दिनों की गहन जांच के बाद सीबीआई द्वारा 28 जुलाई को अदालत में पेश की गई चार्जशीट के अनुसार, इन तीन शिक्षकों ने देश के करीब 22 लाख होनहार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।
कौन हैं वो तीन शिक्षक, जिन पर लगा कसम तोड़ने का आरोप?
प्रश्नपत्र तैयार करने और उनके अनुवाद के लिए NTA के अति-गोपनीय विभाग में जिन तीन शिक्षकों को तैनात किया गया था, उन्होंने पद की गोपनीयता की शपथ (Certificate of Confidentiality) ली थी। उन्होंने लिखित में दिया था कि वे किसी कोचिंग संस्थान से जुड़े नहीं हैं और परीक्षा से जुड़ा कोई रफ ड्राफ्ट या कॉपी अपने पास नहीं रखेंगे. सीबीआई की जांच में गोपनीयता की यह कसम पूरी तरह झूठी साबित हुई। आरोपी शिक्षकों में पुणे के केमिस्ट्री एक्सपर्ट प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी, बॉटनी और जूलॉजी एक्सपर्ट मनीषा गुरुनाथ मनधारे तथा फिजिक्स एक्सपर्ट मनीषा संजय हवालदार शामिल हैं।
मास्टर पेपर से नोट्स तक: आखिर कैसे बना 'बिजनेस मॉडल'?
शो 'DECODE' में सुधीर चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सोचे-समझे सिंडिकेट के रूप में उजागर किया। अनुवाद कार्य के दौरान सुरक्षा की गंभीर खामियों का फायदा उठाते हुए इन तीनों शिक्षकों ने सादे पन्नों पर रफ काम करते समय मास्टर क्वेश्चन पेपर के सवालों को याद कर लिया और उनके अलग से नोट्स तैयार कर लिए. सीबीआई की छापेमारी में आरोपियों के पास से बरामद 111 हस्तलिखित सवाल मुख्य परीक्षा के असली पेपर सेट से हूबहू मेल खा गए।
ब्यूटीशियन मनीषा: लीक नेटवर्क की सबसे रहस्यमयी कड़ी
इस हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट की सबसे अहम और हैरान करने वाली कड़ी 'मनीषा संजय वाघमारे' नाम की एक ब्यूटीशियन निकली. शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए इन हस्तलिखित सवालों और नोट्स को इसी ब्यूटीशियन के माध्यम से आगे बड़े कोचिंग माफिया और बिचौलियों के नेटवर्क तक पहुंचाया गया था.
सोसाइटी के 'डिजिटल ऐप' ने खोला खौफनाक राज
मामले को सुलझाने में सीबीआई ने एक डिजिटल सबूत का इस्तेमाल किया। पुणे में रहने वाले आरोपी प्रह्लाद कुलकर्णी की रेजिडेंशियल हाउसिंग सोसाइटी के गेट पर इस्तेमाल होने वाले डिजिटल एंट्री ऐप (जैसे MyGate या NoBrokerHood) के डेटा की जांच की गई। ऐप के रिकॉर्ड्स से साफ हुआ कि परीक्षा से ठीक पहले कोचिंग माफिया और संदिग्ध लोग कुलकर्णी के घर मेहमान बनकर आ रहे थे. इस पुख्ता टाइमलाइन ने आरोपियों के तमाम दावों की धज्जियां उड़ा दीं।
3 मई से 16 जुलाई 2026 तक: संकट की पूरी टाइमलाइन
- 3 मई 2026: NEET-UG की मुख्य परीक्षा आयोजित हुई।
- 7 मई (शाम) 2026: NTA को पेपर लीक होने के पुख्ता इनपुट मिले।
- 8 मई 2026: मामला केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंपा गया।
- 12 मई 2026: केंद्र सरकार ने परीक्षा रद्द कर सीबीआई को आधिकारिक जांच सौंपी।
- 15 मई 2026: तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों से माफी मांगते हुए 21 जून को री-नीट (Re-NEET) कराने और भविष्य में इसे सीबीटी (CBT) मोड में आयोजित करने की घोषणा की।
- 21 जून 2026: दोबारा नीट परीक्षा का शांतिपूर्ण आयोजन हुआ।
- 16 जुलाई 2026: री-नीट परीक्षा के परिणाम जारी किए गए।
फिलहाल सीबीआई कोचिंग माफिया, बिचौलियों और मास्टरमाइंड शिक्षकों सहित 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है.


