कोरोना महामारी के बीच देश में लॉकडाउन को तीसरी बार भी बढ़ा दिया गया। 17 मई तक लोगों को घर के अंदर ही रहना होगा। इस बीच चौंकाने वाली खबर आई है कि दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके में एक ही मकान से 41 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। 

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच देश में लॉकडाउन को तीसरी बार भी बढ़ा दिया गया। 17 मई तक लोगों को घर के अंदर ही रहना होगा। इस बीच चौंकाने वाली खबर आई है कि दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके में एक ही मकान से 41 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। देश में कोरोना का संकट बढ़ता जा रहा है। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 37 हजार 262 हो गई है। जबकि अब तक 1223 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि राहत की बात है कि अब तक 10 हजार 21 लोग ठीक भी हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में देश में 2391 नए केस दर्ज किए गए हैं, जिसमं महाराष्ट्र में रिकॉर्ड 1008 मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

18 अप्रैल को सामने आया था पहला केस
कापसहेड़ा में एक ही बिल्डिंग में 41 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 18 अप्रैल को इस बिल्डिंग में पहला केस सामने आया था। इसके बाद इस बिल्डिंग को सील कर दिया गया। फिर बिल्डिंग में रहने वाले लोगों की तबीयत खराब होने लगी तो लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। आज रिपोर्ट आई तो 41 लोग कोरोना संक्रमित मिले। 

सघन आबादी वाला है कापसहेड़ा
हरियाणा से सटा दिल्ली का कापसहेड़ा काफी सघन इलाका है। कापसहेड़ा की आबादी 1.25 लाख से अधिक है। यहां बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरी और दिल्ली और गुड़गांव की फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोग रहते हैं। जहां पर संक्रमण फैला है वहां पर एक इमारत में कुल 175 कमरे हैं।

सीआरपीएफ में 122 जवान संक्रमित
सीआरपीएफ की दिल्ली स्थित एक बटालियन में कोविड-19 से संक्रमित जवानों की संख्या बढ़कर 122 हो गई है। ये जवान राष्ट्रीय राजधानी के मयूर विहार फेस-3 इलाके में स्थित अर्द्धसैन्य बल की 31वीं बटालियन के हैं। पिछले कुछ दिनों में यहां कोरोना वायरस के मामले बड़ी संख्या में सामने आने के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।

100 जवानों की रिपोर्ट आना है
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, इस बटालियन के कुल 122 जवान संक्रमित पाए गए हैं। 100 और कर्मियों के जांच नतीजों का इंतजार है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर संक्रमित कर्मियों में इस जानलेवा बीमारी के कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए। इन्हें मंडोली में दिल्ली सरकार के एक पृथक केंद्र में भर्ती कराया गया है।