क्या होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू वाले जहाजों पर लगातार मिसाइल हमले बढ़ते युद्ध तनाव का संकेत हैं? क्या MT जलवीर और अन्य जहाजों पर हमला किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा हो सकता है? क्यों भारत ने दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब कर इतना कड़ा विरोध दर्ज कराया? MT सेटेबेलो हमले में 3 भारतीयों की मौत के बाद क्या यह संकट और गहराने वाला है?

MEA Summons US Diplomat Twice: अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल के बीच, भारत सरकार ने एक बेहद कड़ा और अप्रत्याशित कदम उठाया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) ने महज 72 घंटों के भीतर दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक (चार्ज डी'अफेयर्स) जेसन मीक्स को तलब किया है। अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय क्रू मेंबर्स वाले जहाजों पर लगातार किए जा रहे मिसाइल हमलों ने दोनों लोकतांत्रिक महाशक्तियों के बीच एक गहरा सस्पेंस और तनाव पैदा कर दिया है।

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आसमान से बरसी मौत: होर्मुज स्ट्रेट के पास MT जलवीर पर क्या हुआ?

इस पूरे ड्रामे का सबसे नया और खौफनाक अध्याय 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के पास लिखा गया। गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला एक विशाल कमर्शियल जहाज 'MT जलवीर' अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा था। इस जहाज पर 20 भारतीय नाविक सवार थे। तभी अचानक अमेरिकी सेना की ओर से इस जहाज को निशाना बनाकर हमला किया गया। हालांकि इस हमले में भारतीय क्रू सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन तीन दिनों के भीतर भारतीय क्रू वाले जहाजों पर यह इस तरह का तीसरा बड़ा हमला है। इस घटना ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के कान खड़े कर दिए हैं।

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ओमान की खाड़ी का वो खूनी मंजर: जब मारे गए तीन भारतीय नाविक

यह गुस्सा और तनाव अचानक पैदा नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे ओमान की खाड़ी में हुई एक बेहद दर्दनाक और घातक घटना है। कुछ ही दिन पहले पलाऊ के झंडे वाले टैंकर 'MT सेटेबेलो' (Settebello) पर अमेरिकी सेना ने भीषण हमला किया था। यह हमला इतना घातक था कि इसमें तीन भारतीय नाविकों की मौके पर ही मौत हो गई। अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई में भारतीय नागरिकों की जान जाने के बाद से पूरे भारत में आक्रोश की लहर है। लोग यह समझने में नाकाम हैं कि एक मित्र देश की सेना कमर्शियल जहाजों पर इस तरह के जानलेवा हमले क्यों कर रही है।

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बंद कमरे में डिमार्श: विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी दूत से क्या कहा?

जैसे ही MT जलवीर पर हमले की खबर नई दिल्ली पहुंची, विदेश मंत्रालय तुरंत एक्शन में आ गया। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) ने अमेरिकी मिशन के प्रतिनिधि जेसन मीक्स को साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय में तलब किया। सूत्रों के मुताबिक, बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान भारत ने अमेरिका को बेहद सख्त शब्दों में औपचारिक विरोध (Demarche) दर्ज कराया है। इससे पहले बुधवार को भी 'MT सेटेबेलो' कांड के बाद मीक्स को तलब किया गया था। लगातार दूसरी बार राजनयिक को समन जारी करना यह साफ दर्शाता है कि भारत इस मुद्दे पर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है।

दोस्ती या दुश्मनी का खेल? खाड़ी में अमेरिकी हमलों के पीछे का असली सस्पेंस

अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका इन हमलों पर क्या सफाई देता है। आखिर अमेरिकी सेना खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों को बार-बार निशाना क्यों बना रही है? क्या यह कोई बहुत बड़ी रणनीतिक चूक है, या फिर समंदर के इस इलाके में कोई ऐसा सीक्रेट गेम चल रहा है जो अभी दुनिया के सामने नहीं आया है? इन हमलों ने वैश्विक व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर तो सवाल उठाए ही हैं, साथ ही भारत और अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों के भविष्य पर भी एक बहुत बड़ा सस्पेंस खड़ा कर दिया है।