मनीष तिवारी ने कहा कि संसद को अवैध बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह संसद में सबसे कठोर कानून पारित करने की रूपरेखा तैयार करना है जो इस देश को एक पुलिस राज्य में बदल देगा।

Criminal Law changes bills: क्रिमिनल कानूनों में बदलाव के लिए मंगलवार को लोकसभा में विधेयकों को पेश किया गया। सरकार ने ऐसे समय पर लोकसभा में बिल लाया है जब सदन से दो-तिहाई विपक्ष सस्पेंड है। लोकसभा से रिकॉर्ड 95 विपक्षी सांसद सस्पेंड किए जा चुके हैं।

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दरअसल, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम विधेयक क्रमशः आपराधिक प्रक्रिया संहिता अधिनियम, 1898, भारतीय दंड संहिता, 1860 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 को बदलने के लिए अगस्त में लोकसभा में पेश किए गए थे। लेकिन विवाद होने के बाद संशोधन के लिए उनको वापस ले लिए गए थे। पिछले सप्ताह सदन में संशोधन के बाद विधेयकों को पेश किया गया। मंगलवार दोपहर को भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक 2023 नामक नए विधेयकों पर बहस हुई। यह बहस उस समय हुआ जब सदन से दो-तिहाई विपक्षी सांसद सस्पेंड हैं।

विपक्ष का आरोप-मनमानी के लिए हो रहा निलंबन

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा से रिकॉर्ड 141 सांसदों का सस्पेंशन किया जा चुका है। दरअसल, पिछले सप्ताह लोकसभा में चार लोग घुसकर विरोध प्रदर्शन करते हुए फ्यूम कैन छोड़े थे। सिक्योरिटी ब्रिच के बीच विपक्ष ने संसद की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हुए सदन में वक्तव्य की मांग की थी। इस मांग को लेकर विपक्ष के हंगामा पर दर्जनों सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस पर विपक्ष ने आरोप लगाया कि देश में तानाशाही शुरू हो चुकी है। सरकार बिना बहस के महत्वपूर्ण कानूनों को बदलना चाहती है। निलंबित कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि संसद को अवैध बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह संसद में सबसे कठोर कानून पारित करने की रूपरेखा तैयार करना है जो इस देश को एक पुलिस राज्य में बदल देगा।

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