एक सीआरपीएफ जवान ने पाकिस्तानी महिला से शादी की, लेकिन पहलगाम हमले के बाद उसे वापस पाकिस्तान जाना पड़ा। अब जवान की नौकरी खतरे में है। नियमों का उल्लंघन कर शादी करने के कारण उसके खिलाफ जांच शुरू हो सकती है।

नई दिल्ली: बॉलीवुड फिल्म "वीर-ज़ारा" याद है? कुछ ऐसा ही किस्सा असल ज़िंदगी में भी हुआ है। एक CRPF जवान को पाकिस्तान की रहने वाली मीनल खान से प्यार हो गया और दोनों ने शादी कर ली। लेकिन अब दोनों के रास्ते अलग हो रहे हैं। पहलगाम हमले के बाद, भारत में वीज़ा पर रह रहे पाकिस्तानियों को देश छोड़ने का आदेश दिया गया था। इस आदेश के बाद, मीनल खान को भी वापस पाकिस्तान जाना पड़ा। अब, अपने प्यार से शादी करने वाले इस जवान की नौकरी खतरे में है। 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों पर हमला किया गया था।

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मीनल खान और मुनीर खान ने 2024 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शादी की थी। पहलगाम हमले के बाद सरकार के फैसले के चलते मीनल खान को भारत छोड़ना पड़ा। आदेश के मुताबिक, मीनल खान अपने वतन पाकिस्तान लौट गईं। अब मुनीर खान मुश्किल में हैं और अपनी नौकरी गंवाने के डर से जी रहे हैं। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी महिला से शादी करने वाले मुनीर खान के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की जा सकती है।

नियमों का उल्लंघन
CRPF कॉन्स्टेबल मुनीर खान ने बिना किसी अनुमति के पाकिस्तानी महिला से शादी करके कानून तोड़ा है। मुनीर खान की शादी की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है। इसीलिए मुनीर खान के खिलाफ कार्रवाई की बात चल रही है।

मुनीर खान अभी 41वीं बटालियन में तैनात हैं। उन्होंने पहले पाकिस्तानी महिला मीनल खान से शादी करने की अनुमति मांगी थी। अधिकारियों ने उनकी अर्ज़ी की जांच की, लेकिन अनुमति मिलने से पहले ही 24 मई 2024 को मुनीर खान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए मीनल खान से शादी कर ली। बिना अनुमति के हुई इस शादी के बाद अब उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू हो गई है, ऐसा CRPF ने अपने बयान में कहा है।

खबरों के मुताबिक, शादी के बाद मुनीर खान के व्यवहार में कई बदलाव देखे गए। उन पर आरोप है कि वीज़ा की अवधि खत्म होने के बाद भी उन्होंने अपनी पत्नी को भारत में रखा। मुनीर खान ने अपनी पत्नी के भारत में होने की जानकारी भी छुपाई। मीनल खान टूरिस्ट वीज़ा पर वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत आई थीं। उनका वीज़ा 22 मार्च 2025 को खत्म हो गया था। ये बात जानते हुए भी मुनीर खान ने इसे छुपाया। एक सैनिक होने के नाते मुनीर खान ने देश की सुरक्षा के साथ लापरवाही बरती है। इसीलिए CRPF उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रही है।

कोर्ट से 10 दिन की मोहलत
कॉन्स्टेबल मुनीर खान ने 1964 के CCS (आचरण) नियमों के नियम 21(3) का साफ तौर पर उल्लंघन किया है। अब उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सभी पाकिस्तानियों को देश से निकालने का आदेश दिया था। बुधवार को मीनल खान को वाघा बॉर्डर पर ले जाया गया। आखिरी वक्त पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने मीनल खान को 10 दिन की मोहलत दे दी।