Red Fort Blast Case: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में जम्मू-कश्मीर के सांबूरा गांव से 44 साल के तारिक अहमद मलिक को गिरफ्तार किया गया है। इस ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए।

Delhi Blast Case Suspect Arrest: दिल्ली में लाल किले के पास हुई कार ब्लास्ट की जांच अब तेज हो गई है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर के सांबूरा गांव से 44 साल के तारिक अहमद मलिक को गिरफ्तार किया है, जो इस ब्लास्ट का सस्पेक्ट है। तारिक पहले एक बैंक की सुरक्षा और सिक्योरिटी देखने का काम करता था। आइए जानते हैं उसकी पूरी कुंडली, दिल्ली ब्लास्ट में भूमिका और जांच कहां तक पहुंची है?

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दिल्ली ब्लास्ट केस में गिरफ्तार तारिक अहमद मलिक कौन है?

तारिक अहमद मलिक पुलवामा के सांबूरा इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह एक बैंक में सिक्योरिटी-संबंधित जिम्मेदारियों को संभालता था। जांच एजेंसियों को शक है कि तारिक की भूमिका लॉजिस्टिक सपोर्ट देने से लेकर, हमले की प्लानिंग और मूवमेंट को कवर करने तक हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार तारिक, संदिग्ध डॉ. उमर मोहम्मद के संपर्क में था, जो इस ब्लास्ट का मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

दिल्ली ब्लास्ट संदिग्ध की गिरफ्तारी कहां से हुई?

तारीक को जम्मू-कश्मीर के सांबूरा गांव से गिरफ्तार किया गया। उसके साथ आमिर राशिद को भी हिरासत में लिया गया है। दोनों को पूछताछ के लिए श्रीनगर लाया गया है। उमर राशिद अभी भी पांपोरे में पुलिस निगरानी में है और उससे पूछताछ जारी है।

दिल्ली ब्लास्ट में क्या हुआ?

सोमवार शाम 6:52 बजे लाल किले के पास सुभाष मार्ग पर एक सफेद i20 कार ट्रैफिक लाइट पर रुकी। कुछ ही सेकंड में कार में तेज धमाका हुआ, जिससे आसपास खड़ी 22 गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं और आस-पास के लोग दूर जा गिरे। धमाके के बाद फायर ब्रिगेड की 15 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगभग आधे घंटे में आग पर काबू पाया गया। पुलिस के मुताबिक, कार चला रहा शख्स डॉ. उमर मोहम्मद, सुसाइड अटैकर माना जा रहा है।

दिल्ली ब्लास्ट से पहले क्या हुआ था?

सोमवार को ही सुबह, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने मिलकर एक व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। इसमें डॉ. अदील अहमद राथर और डॉ मुझम्मिल शाकिल को गिरफ्तार किया गया था, जो डॉ उमर मोहम्मद के नजदीकी सहयोगी बताए जा रहे हैं। जांच में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, असॉल्ट राइफल्स और पिस्तौल जैसे हथियार जब्त किए। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस बड़ी जब्ती के बाद उमर मोहम्मद ने जल्दबाजी में ब्लास्ट को अंजाम दिया।

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