दिल्ली ब्लास्ट केस में गिरफ्तार लखनऊ की डॉ. शाहीन सईद पुलवामा अटैक में शामिल  उमर फारूक की पत्नी अफिरा बीबी के संपर्क में थी। बता दें कि अफिरा बीबी जैश की नई महिला ब्रिगेड जमात-उल-मोमिनात का एक बड़ा चेहरा है।

नई दिल्ली/लखनऊ। दिल्ली कार ब्लास्ट और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, लखनऊ की रहने वाली डॉ. शाहीन सईद जैश कमांडर और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड उमर फारूक की पत्नी अफिरा बीबी के संपर्क में थी। बता दें कि शाहीन भारत में जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड जमात-उल-मोमिनात की कमांडर थी।

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मारा जा चुका है आफिरा बीवी का शौहर उमर फारूक

पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का भतीजा उमर फारूक 2019 के पुलवामा हमले के बाद हुई एक मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं उमर की पत्नी अफिरा बीबी जैश की नई महिला ब्रिगेड जमात-उल-मोमिनात का एक बड़ा चेहरा है। दिल्ली विस्फोट से कुछ हफ्ते पहले अफिरा ब्रिगेड की एडवाइजरी काउंसिल शूरा में शामिल हुई थी। सूत्रों के अनुसार, वह मसूद अजहर की छोटी बहन सादिया अजहर के साथ काम करती है और दोनों शाहीन सईद के संपर्क में थीं।

जैश की महिला ब्रिगेड की कमान संभाल रही थी शाहीन

फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सीनियर डॉक्टर के रूप में काम करने वाली शाहीन को उसकी कार में असॉल्ट राइफल्स और अन्य गोला-बारूद मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया है। जांच में पता चला कि शाहीन सईद को जमात-उल-मोमिनात की भारतीय शाखा के तहत आतंकवादी गतिविधियों के लिए कट्टरपंथी महिलाओं की भर्ती करने का काम सौंपा गया था।

2 साल यूएई में भी रह चुकी शाहीन

मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली शाहीन सईद ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शामिल होने से पहले कई मेडिकल कॉलेजों में काम किया था। सितंबर 2012 से दिसंबर 2013 तक वो कानपुर के एक मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी विभाग की हेड थीं। उसकी पासपोर्ट डिटेल से पता चला है कि वह 2016 से 2018 यानी दो साल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भी रही है।

अक्सर क्लास छोड़कर चली जाती थी शाहीन

अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शाहीन सईद से जुड़े कुछ लोगों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि वो बिल्कुल भी डिसिप्लिन फॉलो नहीं करती थी। जब मन चाहे बिना किसी को बताए काम छोड़कर चली जाती थी। पता चला है कि शाहीन अक्सर क्लास छोड़ देती थी, जिसके चलते विश्वविद्यालय प्रशासन को उसके खिलाफ कई शिकायतें भी मिली थीं। जांच एजेंसियों ने अब विश्वविद्यालय प्रशासन से उसकी अटेंडेंस से जुड़ा ब्योरा मांगा है, ताकि पता लगाया जा सके कि वो क्लास में कब-कब रहती थी।

शाहीन से मिलने बाहर से आते थे कई लोग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये भी पता चला है कि यूनिवर्सिटी में उससे मिलने के लिए कई लोग बाहर से आते थे। बता दें कि शाहीन सईद की शादी कानपुर के रहने वाले डॉक्टर हयात ज़फर से हुई थी, लेकिन 2012 में ही उसने पति को तलाक दे दिया। शाहीन के दो बच्चे भी हैं, जिनसे उसने तलाक के बाद से ही बात नहीं की है। बच्चे डॉ. जफर के साथ रहते हैं। जफर के मुताबिक, जितना वो शाहीन को जानते हैं, वो कभी भी ज्यादा रिलीजियस नहीं थी। उसने मुझसे ऑस्ट्रेलिया-यूरोप में बसने की जिद की थी, जिसे मैंने नकार दिया था, जिसके बाद हमारा तलाक हो गया। वहीं, शाहीन के पिता का कहना है कि उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि वो आतंकी गतिविधियों में शामिल हो सकती है।