कामारेड्डी में 42.5 लाख की ज्वेलरी चोरी ने पुलिस को हिला दिया। 32 केस वाला शातिर चोर टैगोर जगन सिंह CCTV और टेक्निकल ट्रैकिंग से पकड़ा गया। मुंबई भागने से पहले आरोपी के पास से सोना-चांदी बरामद हुई। खुलासा हुआ कि चोरी के पैसों से वह जुआ, लग्जरी लाइफ और गोवा ट्रिप्स करता था।
Telangana Jewellery Theft: यह कहानी तेलंगाना के कामारेड्डी शहर की है, जहां पिछले महीने एक ऐसी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया जिसने पूरे इलाके की पुलिस के होश उड़ा दिए। शहर के रहने वाले बालकृष्ण नाम के एक व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ कुछ दिनों के लिए हैदराबाद गए हुए थे। घर पूरी तरह से सूना था और इसी सन्नाटे का फायदा उठाने के लिए अंधेरे में एक साया आगे बढ़ा। शातिर अपराधी ने बड़ी ही सफाई से घर का मुख्य ताला तोड़ा और अलमारी में रखे पुश्तैनी गहनों पर हाथ साफ कर दिया। जब पीड़ित परिवार वापस लौटा, तो घर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर से कुल 333 ग्राम सोने के गहने, 10.29 किलोग्राम चांदी के बर्तन और 1 लाख रुपये की नकदी गायब हो चुकी थी, जिसकी कुल कीमत लगभग 42.5 लाख रुपये आंकी गई।

CCTV का जाल और वो एक सुराग: पुलिस के सामने थी बड़ी चुनौती
वारदात की सूचना मिलते ही कामारेड्डी के पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश चंद्र ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक्शन लिया। कामारेड्डी टाउन पुलिस और क्राइम कनविक्शन स्क्वाड (CCS) की एक संयुक्त स्पेशल टीम का गठन किया गया। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी ने पीछे कोई सीधा सुराग नहीं छोड़ा था। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सैकड़ों CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए। कई हफ्तों की कड़ी मशक्कत, तकनीकी सबूतों के विश्लेषण और मोबाइल टावर डंप डेटा को ट्रैक करने के बाद आखिरकार पुलिस को एक संदिग्ध की धुंधली सी तस्वीर और उसकी गतिविधियों का सुराग हाथ लगा। लेकिन चुनौती अभी खत्म नहीं हुई थी, क्योंकि वह शातिर चोर पुलिस की पहुंच से दूर भागने की फिराक में था।

मुंबई जाने वाली बस और हाईवे पर हाई-वोल्टेज चेज़: ऐन वक्त पर दबोचा गया आरोपी
तकनीकी सर्विलांस से पुलिस को खुफिया जानकारी मिली कि आरोपी चोरी का माल ठिकाने लगाने के लिए राज्य छोड़ने की तैयारी में है। उसका प्लान हैदराबाद से एक निजी लग्जरी बस पकड़कर मुंबई भागने का था। समय बेहद कम था और अगर वह एक बार मुंबई के बाजारों में गायब हो जाता, तो उसे पकड़ना नामुमकिन था। स्पेशल पुलिस टीम ने जाल बिछाया और राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर नाकेबंदी कर दी। जैसे ही वह निजी बस हाईवे से गुजरी, पुलिस ने उसे रुकवा लिया। बस के अंदर बैठे सहमे हुए यात्री कुछ समझ पाते, इससे पहले ही पुलिस ने करीमनगर जिले के रहने वाले आरोपी टैगोर जगन सिंह को दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 145 ग्राम सोने के गहने और 5.7 किलोग्राम चांदी बरामद की गई।
खुल गया मुकदमों का 'शताब्दी एक्सप्रेस' का सच
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने टैगोर जगन सिंह का आपराधिक इतिहास (क्राइम रिकॉर्ड) खंगाला, तो खुद अधिकारियों के पैर थिरक गए। SP राजेश चंद्र ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ा गया आरोपी कोई मामूली चोर नहीं, बल्कि एक दुस्साहसी आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले से ही 32 आपराधिक मामले दर्ज हैं! उसका काम करने का तरीका (Modus Operandi) यह था कि वह सिर्फ बंद पड़े आलीशान घरों को निशाना बनाता था और चोरी का कीमती सामान सीधे मुंबई ले जाकर बेच देता था ताकि लोकल पुलिस उस तक न पहुंच सके।
चोरी के पैसों से गोवा ट्रिप और ऐशो-आराम!
इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात यह थी कि वह इन पैसों का करता क्या था। पूछताछ में सामने आया कि चोरी की मोटी रकम से वह कोई संपत्ति नहीं बनाता था, बल्कि उस पैसे को जुए में उड़ाता था, ऐशो-आराम की जिंदगी जीता था और अपनी महंगी लतों को पूरा करने के लिए अक्सर गोवा जैसे समुद्री पर्यटन स्थलों पर जाकर फाइव-स्टार छुट्टियां मनाता था। फिलहाल पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है और बाकी के गहने बरामद करने के लिए आगे की तफ्तीश जारी है।


