अनिल चौधरी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार नहीं चला रहे हैं नौटंकी कर रहे हैं। दिल्ली में मुख्यमंत्री समेत सात मंत्री हैं। इसमें दो जेल जाने की वजह से इस्तीफा दे चुके हैं।

AAP Government: आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार के दो मंत्रियों मनीष सिसोदिया और डॉ.सत्येंद्र जैन को जेल भेजवाने का दावा कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि नई आबकारी नीति में भ्रष्टाचार को उजागर करने के साथ ही कांग्रेस ने दिल्ली शहर की छवि को सुधारने की लड़ाई लड़ी जिसमें सफलता मिली। चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के अथक प्रयास से सीबीआई जांच हुई और जांच उजागर हुई। दोनों मंत्री जब इस्तीफा दे दिए हैं तो अरविंद केजरीवाल एक बार फिर एक भ्रष्ट मंत्री को सारा विभाग सौंप दिए हैं। केजरीवाल को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।

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क्या आरोप लगाया अनिल चौधरी ने?

अनिल चौधरी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार नहीं चला रहे हैं नौटंकी कर रहे हैं। दिल्ली में मुख्यमंत्री समेत सात मंत्री हैं। इसमें दो जेल जाने की वजह से इस्तीफा दे चुके हैं। केजरीवाल के पास खुद कोई विभाग नहीं है। ऐसे में केवल चार मंत्रियों को सारा विभाग आवंटित कर वह दिल्ली के साथ साथ देश के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो मंत्रियों को जेल पहुंचाने और भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए कांग्रेस ने लंबी लड़ाई लड़ी। अब जाकर सफलता मिली। लेकिन दोनों मंत्रियों के इस्तीफा के बाद अरविंद केजरीवाल ने एक भ्रष्ट मंत्री कैलाश गहलोत को ढेर सारा विभाग सौंप दिया है। कैलाश गहलोत भ्रष्टाचार के आरोपी हैं। डीडीसी बसों के खरीद घोटाला में उनका सबसे बड़ा हाथ है। यह साबित करता है कि अरविंद केजरीवाल की सरकार एक भ्रष्ट सरकार है। उनको नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

मनीष सिसोदिया और डॉ.सत्येंद्र जैन दे चुके हैं इस्तीफा

दरअसल, दिल्ली आबकारी नीति केस में गिरफ्तारी के बाद मनीष सिसोदिया को सोमवार को पांच दिनों के सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया था। इसके बाद सिसोदिया ने सरकार को अपना इस्तीफा भेज दिया। सिसोदिया उप मुख्यमंत्री होने के साथ साथ 18 विभागों को देख रहे थे। जबकि नौ महीना पहले ही मनी लॉन्ड्रिंग के एक केस में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.सत्येंद्र जैन भी ईडी द्वारा गिरफ्तार हुए थे और अभी तक जेल में हैं। जैन के पास सात विभाग थे। मंगलवार को दोनों मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफा के बाद केजरीवाल ने दोनों मंत्रियों के विभागों को कैलाश गहलोत और राजकुमार आनंद को सौंपने की सिफारिश उप राज्यपाल से की थी।

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