दिल्ली पुलिस ने ISI से जुड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल के दो और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। कुल गिरफ्तारियां 18 हो गई हैं। इनके पास से सब-मशीन गन, विदेशी पिस्टल और 82 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
नई दिल्ली [भारत], 28 जुलाई (एएनआई): दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से जुड़े एक कथित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल के दो और प्रमुख गुर्गों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इनके पास से एक सब-मशीन गन, तीन sofisticated विदेशी पिस्तौल और 82 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
ताजा गिरफ्तारियों के साथ, इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर 18 हो गई है, जबकि कुल बरामदगी अब 32 sofisticated विदेशी निर्मित हथियार और 363 जिंदा कारतूस हो गई है। इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के प्रावधान पहले ही लागू किए जा चुके हैं।
कैसे काम करता था सिंडिकेट?
क्राइम ब्रांच द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये गिरफ्तारियां एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (ARSC) की एक टीम द्वारा अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल की चल रही जांच के हिस्से के रूप में की गईं। क्राइम ब्रांच ने आरोप लगाया कि यह सिंडिकेट खास तौर पर बनाई गईं वेल्डिंग मशीनों और गियरबॉक्स के अंदर हथियार के पुर्जों को छिपाकर पाकिस्तान से sofisticated विदेशी हथियार मंगवाता था। इन हथियारों को एयर कार्गो के जरिए नेपाल के काठमांडू पहुंचाया जाता था, जहां से उन्हें भारत में तस्करी कर संगठित आपराधिक नेटवर्कों में बांटा जाता था।
पुलिस के अनुसार, जांच से पता चला है कि यह सिंडिकेट केवल वित्तीय लाभ के लिए अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल नहीं था, बल्कि कथित तौर पर भारत में सक्रिय आतंकवादी संगठनों, संगठित आपराधिक गिरोहों और अन्य राष्ट्र-विरोधी तत्वों को भी sofisticated हथियार सप्लाई कर रहा था। क्राइम ब्रांच ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान की ISI का समर्थन प्राप्त था।
आरोपियों की भूमिका
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए गुर्गों में से एक ने हथियारों की खेप प्राप्त करने, हथियार के पुर्जों को पूरी तरह से काम करने वाले हथियारों में असेंबल करने, उन्हें दिल्ली में सुरक्षित स्थानों पर रखने और संगठित आपराधिक गिरोहों को सप्लाई करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उसने नेटवर्क के संचालन को सुविधाजनक बनाने के लिए उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक अवैध हथियार निर्माण और असेंबली यूनिट स्थापित की थी।
दूसरे गिरफ्तार गुर्गे ने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश में sofisticated विदेशी हथियारों के वितरक के रूप में काम किया। वह आगे आपराधिक नेटवर्कों को सप्लाई करने के लिए हथियार और जिंदा कारतूस मंगवाता था। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन लेन-देन से हुई आय का इस्तेमाल कथित तौर पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को फंड करने के लिए किया जाना था।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
इस ताजा ऑपरेशन के दौरान, क्राइम ब्रांच ने चेक गणराज्य में बनी एक सब-मशीन गन, इटली और चेक गणराज्य में बनी तीन सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और 82 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
कथित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल की आगे की जांच जारी है। (एएनआई)
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