Asianet News HindiAsianet News Hindi

राहत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों की कीमत बढ़ी लेकिन घरेलू बाजार में हुआ सस्ता

शुल्क में कमी के संदर्भ में केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेप आम उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। क्योंकि आयात शुल्क में कमी के बाद खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 1.95% से 7.17% की सीमा में बढ़ गई हैं।

Department of Food and Public Distribution informed the domestic market has reported a declining trend in prices
Author
New Delhi, First Published Oct 8, 2021, 7:08 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

नई दिल्ली। खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी के साथ आम भारतीयों को थोड़ी राहत मिली है। खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) ने बताया कि खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन घरेलू बाजार में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।

दरअसल, शुल्क में कमी के संदर्भ में केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेप आम उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। क्योंकि आयात शुल्क में कमी के बाद खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 1.95% से 7.17% की सीमा में बढ़ गई हैं, घरेलू कीमतों में कमी की प्रवृत्ति और शुल्क में कमी के बाद शुद्ध प्रभाव (3.26% से 8.58% तक की गिरावट) काफी महत्वपूर्ण है। 

लेकिन सरसों के तेल में नहीं आई गिरावट

सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, कच्चा पाम तेल और आरबीडी पामोलिन की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में इस महीने के दौरान क्रमश: 1.85%, 3.15%, 8.44 और 10.92% की वृद्धि हुई। आयातित खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कमी (11.09.2021 से) के बाद, घरेलू खुदरा और थोक मूल्य 0.22% से 1.93% की सीमा में कम हो गए। हालांकि, सरसों का तेल विशुद्ध रूप से घरेलू तेल है और सरकार द्वारा विचार किए जा रहे अन्य उपायों के साथ इसकी कीमतों में नरमी की उम्मीद है।

चावल का रेट बढ़ा, गेहूं में कमी

गेहूं के थोक और खुदरा मूल्य में वर्ष के दौरान क्रमश: 5.39 प्रतिशत और 3.56 प्रतिशत की कमी आई। चावल के थोक मूल्य में 0.07% की कमी आई, जबकि चावल के खुदरा मूल्य में महीने के दौरान 1.26% की वृद्धि हुई। गेहूं की थोक और खुदरा कीमतों में वर्ष के दौरान क्रमश: 7.12% और 4.37% की कमी आई।

फिर भी बढ़ाई गई एमएसपी

चावल और गेहूं के लिए एमएसपी बढ़ गया है। चावल के लिए 1868 रुपये प्रति क्विंटल से 1940 रुपये प्रति क्विंटल और गेहूं के लिए 1925 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 1975 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।

दलहन-तिलहन में भी कमी

चना, अरहर, उड़द और मूंग की खुदरा कीमतों में क्रमशः 1.08 %, 2.65 %, 2.83% और 4.99% की कमी आई। प्याज, आलू और टमाटर की कीमतों के संबंध में, आलू की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमतों में वर्ष के दौरान 44.77% की कमी आई है। प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमतों में वर्ष के दौरान 17.09% की कमी आई। टमाटर की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमतों में वर्ष के दौरान 22.83 प्रतिशत की कमी आई।

यह भी पढ़ें:

पर्यटन उद्योग होगा फिर गुलजार: विदेशी सैनालियों को भारत भ्रमण की अनुमति, 15 अक्टूबर से जारी होगा टूरिस्ट वीजा

जम्मू-कश्मीर: जो पीढ़ियों से इस बगिया को संजोते रहे, उनके खून से ही जन्नत हुआ लहूलुहान, बूढ़ी मां का विलाप रूह चीर देने वाला

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios