शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का केरल के सीएम वी. डी. सतीशन ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि 'जेन Z ने रास्ता दिखाया है' और लोकतंत्र मजबूत हुआ है। सतीशन ने छात्रों का समर्थन करने के लिए राहुल गांधी और विपक्ष को भी धन्यवाद दिया।

तिरुवनंतपुरम (केरल) [भारत], 25 जुलाई (एएनआई): केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि "जेन Z ने रास्ता दिखाया है" और लोकतंत्र तथा संवैधानिक मूल्य मजबूत हुए हैं। सीएम सतीशन ने छात्रों का समर्थन करने और परीक्षा अनियमितताओं का मुद्दा उठाने के लिए राहुल गांधी और विपक्ष की प्रशंसा की। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक के कारण जान गंवाने वाले युवाओं को भी याद किया और कहा कि उनका बलिदान भुलाया नहीं जाएगा।

केरल के सीएम ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "वे आए, वे लड़े और वे जीत गए। जेन Z ने रास्ता दिखाया है। लोकतंत्र मजबूत हुआ है और संवैधानिक मूल्य कायम हैं।"

पोस्ट में आगे लिखा गया, "मैं @RahulGandhi जी और पूरे विपक्ष को सलाम करता हूं कि वे युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे और इस ऐतिहासिक लड़ाई को संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह आगे बढ़ाया। आज हम प्रश्नपत्र लीक के मद्देनजर जान गंवाने वाले युवाओं को भी याद करते हैं। उनका बलिदान कभी नहीं भुलाया जाएगा।"

विपक्षी नेताओं ने इस्तीफे का किया स्वागत

यह घटनाक्रम प्रधान द्वारा अपने इस्तीफे की घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने छात्रों के हित में और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है कि परीक्षा अनियमितताओं पर चल रहे विरोध का "राष्ट्र-विरोधी ताकतें" फायदा न उठाएं।

यह इस्तीफा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हफ्तों तक चले देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद आया है, जिसमें छात्र परीक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे थे।

नवीन पटनायक ने युवाओं को दी बधाई

इसके अलावा, बीजू जनता दल (बीजेडी) के अध्यक्ष और ओडिशा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी भारत के युवाओं, जेन Z को बधाई दी और कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र में उनकी आवाज़ का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी जनता की इच्छा से ऊपर नहीं है और भारत का भविष्य युवाओं का है।

पटनायक ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं इस जीत के लिए भारत के युवाओं, विशेषकर जेन Z को बधाई देता हूं। जवाबदेही और जनमत के प्रति संवेदनशीलता एक मजबूत लोकतंत्र के अभिन्न अंग हैं। कोई भी जनता की इच्छा से ऊपर नहीं है। हमारे लोगों, विशेषकर युवाओं की आवाज़ सुनी जानी चाहिए। भारत का भविष्य युवाओं का है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।"

मायावती ने की पुलिस पर कार्रवाई की मांग

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने कहा कि यह फैसला छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बाद आया है। मायावती ने कहा कि इस्तीफा पहले ही हो जाना चाहिए था। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की।

मायावती ने कहा, "देश के छात्रों व युवाओं केे आन्दोलन के चलते आज केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा इस्तीफा दिये जाने का फैसला उचित, जो यह पहले ही ले लिया जाता तो बेहतर होता। साथ ही, हमारी पार्टी केन्द्र सरकार से यह भी अपेक्षा करती है कि जिन पुलिसकर्मियों ने जन्तर-मन्तर पर शांतिपूर्ण ढंग से आन्दोलन कर रहे निहत्थे छात्र-छात्राओं पर लाठी, डण्डों आदि से बर्बरतापूर्वक हमला किया, जिससे बड़ी संख्या में वे गम्भीर रूप से घायल हो गए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। और खासकर जिन पुरुष पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के साथ अभद्र व शर्मनाक दुर्व्यवहार किया और उन पर बल प्रयोग किया, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक व आपराधिक मामले दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की घिनौनी हरकतें करने की हिम्मत न करे।"

पोस्ट में आगे लिखा गया, "इसके अलावा, सरकार को प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर या शिकायतें वापस लेनी चाहिए, ताकि उन्हें भविष्य में पुलिस थानों और अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें, और उनका भविष्य इस वजह से बर्बाद न हो, जिससे देश में एक बार फिर सौहार्दपूर्ण माहौल बन सके। साथ ही, मैं सभी प्रदर्शनकारियों से कहना चाहती हूं कि वे किसी भी पार्टी को इस मामले में अपने संघर्ष का राजनीतिकरण न करने दें और अपना भविष्य भी बर्बाद न होने दें।" (एएनआई)

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