प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित 'चिंतन शिविर' में फेक न्यूज पर जताई चिंता। उन्होंने लोगों से अपील किया कि किसी भी मैसेज को दूसरे को फॉरवार्ड करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच करनी चाहिए। 

सूरजकुंड (हरियाणा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को कहा कि फेक न्यूज राष्ट्रीय चिंता का विषय है। इसे रोकने के लिए तकनीकी प्रगति के साथ ही सभी लोगों को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। सूरजकुंड में आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए आयोजित 'चिंतन शिविर' में नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई मैसेज आता है तो लोग उसे बिना सोचे समझे दूसरों को भी भेज देते हैं। किसी और को मैसेज भेजते समय यह देखना चाहिए कि बताई गई बात में सच्चाई है या नहीं। इसके लिए लोगों को शिक्षत करने की जरूरत है। 

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नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी भी जानकारी को फॉरवर्ड करने से पहले 10 बार सोच लेना चाहिए कि वह जानकारी सही है या नहीं। जानकारी की पुष्टि होने पर ही उसे किसी दूसरे व्यक्ति को भेजना चाहिए। प्रत्येक प्लेटफॉर्म में जानकारी की पुष्टि करने के लिए टूल होते हैं। अगर सभी लोग इसे आदत बना लें तो फेक न्यूज को फैलने से रोका जा सकता है।

बर्फ के गोले की तरह है फेक न्यूज
पीएम ने कहा कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल को सिर्फ सूचना प्राप्त करने और उसे दूसरों तक पहुंचाने के लिए सीमित नहीं रखना चाहिए। इसके इस्तेमाल की अनंत संभावनाएं हैं। हमें सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने और समाज की भलाई के लिए करना चाहिए। फेक न्यूज बर्फ के उस गोले की तरह होता है, जिसे जितना लुढ़काया जाए उतना बड़ा होता जाता है। कई बार तो यह राष्ट्र के लिए चिंता का विषय भी बन जाता है। उन्होंने कहा कि नौकरी में आरक्षण के बारे में फर्जी खबरों के कारण भारत को बहुत नुकसान हुआ था। फर्जी खबरों को फैलने से रोकने के लिए हमें तकनीकी प्रगति के साथ ही एकजुट होकर काम करना होगा।