बढ़ती हुई चुनौतियों को देखते हुए भारत के आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने कहा, उनकी सेना भविष्य के युद्धों को जीतने के लिए अपनी संरचनाओं और क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है। 

नई दिल्ली. बढ़ती हुई चुनौतियों को देखते हुए भारत के आर्मी चीफ एमएम नरवणे ने कहा, उनकी सेना भविष्य के युद्धों को जीतने के लिए अपनी संरचनाओं और क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही है। 

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'मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस: फ्यूचर ऑफ कन्फ्लिक्ट्स' विषय पर आयोजित भारतीय सेना की सह-वेबिनार को संबोधित करते हुए आर्मी चीफ ने कहा, भारत के आक्रामक रुख को और मजबूत करने की जरूरत है। 

नई तरह की चुनौतियों का किया जिक्र
आर्मी चीफ नरवणे ने चुनौतियों के बदलते पैटर्न पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि टैंक और फाइटर जेट जैसे युद्धक प्लेटफॉर्म कभी 20वीं सदी में युद्ध के मुख्य आधार थे, लेकिन अब नईं चुनौतियां उभर रही हैं। उन्होंने आर्मेनिया-अजरबैजान के बीच युद्ध का भी जिक्र किया।

जनरल नरवणे ने संकेत दिए कि भारत ड्रोन युद्ध में भी अपनी क्षमताओं को बढ़ा रहा है। नरवणे 15 जनवरी को सेना दिवस परेड के दौरान ड्रोन के प्रदर्शन की ओर इशारा कर रहे थे। सेना दिवस पर भारतीय सेना ने ड्रोन के इस्तेमाल से कई लक्ष्यों को नष्ट करके दिखाया। 

सीमाओं के सही निर्धारण से चुनौतियां 
आर्मी चीफ ने कहा, हमारी उत्तरी सीमाओं के साथ जो कुछ भी हो रहा है, उसको लेकर हमें अपनी सीमाओं के बारे में विचार करना चाहिए। सीमाओं के सही निर्धारण नहीं होने के चलते हमारी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सरंक्षण के संबंध में चुनौतियां हैं। 

सेना प्रमुख ने कहा, चुनौतियां तीव्रता और बड़े पैमाने पर बढ़ी हैं। मल्टी डोमेन ऑपरेशन्स को लेकर नरवणे ने कहा, भारत को गतिरोध में विरोधियों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने की जरूरत है।