केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय म्यूजियम ग्रांट स्कीम लागू कर रहा है। इसके तहत नए संग्रहालयों की स्थापना, मौजूदा म्यूजियम के विकास और डिजिटलीकरण के लिए कैटेगरी के हिसाब से 15 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

नई दिल्ली [भारत], 27 जुलाई (एएनआई): केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि संस्कृति मंत्रालय म्यूजियम ग्रांट स्कीम लागू कर रहा है। इसका मकसद नए संग्रहालयों की स्थापना, मौजूदा संग्रहालयों के विकास, कलेक्शन के डिजिटलीकरण, वर्चुअल म्यूजियम बनाने और म्यूजियम प्रोफेशनल्स की क्षमता बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता देना है।

मंत्री ने कहा कि यह स्कीम केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा प्रबंधित संग्रहालयों, सोसाइटियों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों, शैक्षणिक संस्थानों और रजिस्टर्ड ट्रस्टों को वित्तीय सहायता देती है, बशर्ते वे निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हों। उन्होंने आगे कहा कि स्कीम के तहत संग्रहालयों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है, जिनकी ओनरशिप और स्टेटस के आधार पर फंडिंग के अलग-अलग नियम हैं।

किस कैटेगरी में कितनी मिलेगी मदद?

मंत्री के अनुसार, स्कीम के तहत कैटेगरी-I के संग्रहालयों के लिए 15 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है। वहीं, कैटेगरी-II के तहत नए संग्रहालय स्थापित करने के लिए 10 करोड़ रुपए तक और मौजूदा संग्रहालयों के विकास के लिए 8 करोड़ रुपए तक की मदद दी जाएगी। कैटेगरी-III के संग्रहालयों के लिए, नए संग्रहालय स्थापित करने पर 5 करोड़ रुपए तक और मौजूदा के विकास के लिए 4 करोड़ रुपए तक की सहायता उपलब्ध है।

डिजिटलीकरण और ट्रेनिंग के लिए भी फंड

शेखावत ने आगे बताया कि यह स्कीम म्यूजियम कलेक्शन के डिजिटलीकरण और म्यूजियम प्रोफेशनल्स की ट्रेनिंग के लिए भी समर्पित वित्तीय सहायता प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि कैटेगरी-I के संग्रहालय डिजिटलीकरण और ट्रेनिंग के लिए 50 लाख रुपए तक की सहायता प्राप्त कर सकते हैं, जबकि कैटेगरी-II के संग्रहालय इन गतिविधियों के लिए 25 लाख रुपए तक की सहायता के पात्र हैं।

राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं और पर्यटन को बढ़ावा

मंत्री ने कहा कि संस्कृति मंत्रालय कैटेगरी-I और कैटेगरी-II के म्यूजियम प्रोजेक्ट्स को राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के रूप में भी शुरू कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह स्कीम ऑनलाइन वर्चुअल म्यूजियम, थीम-आधारित म्यूजियम, वर्चुअल एक्सपीरियंशियल म्यूजियम और भारत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रदर्शित करने के उद्देश्य से बनाई गई परियोजनाओं का भी समर्थन करती है।

शेखावत ने सदन को यह भी जानकारी दी कि पर्यटन मंत्रालय घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियानों, यात्रा प्रदर्शनियों में भागीदारी, सोशल मीडिया आउटरीच और राज्य सरकारों व विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ सहयोग के माध्यम से संग्रहालयों को पर्यटन स्थलों के रूप में बढ़ावा देता है। (एएनआई)

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