किसान आंदोलन को लेकर फर्जी और भड़काने वाले ट्वीट्स को लेकर केंद्र सरकार सख्त है। सरकार ने इस मामले ममें ट्विटर को नोटिस जारी किया है। इसमें सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर ट्विटर ने सरकार की बात नहीं मानी, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई की जाएगी। 

नई दिल्ली. किसान आंदोलन को लेकर फर्जी और भड़काने वाले ट्वीट्स को लेकर केंद्र सरकार सख्त है। सरकार ने इस मामले ममें ट्विटर को नोटिस जारी किया है। इसमें सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर ट्विटर ने सरकार की बात नहीं मानी, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई की जाएगी। 

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सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय ने ट्विटर को ऐसे वक्त पर ये नोटिस भेजा, जब सोमवार को ऐसे 250 ट्विटर अकाउंट्स को बहाल कर दिया गया। इन्हें मंत्रालय की शिकायत पर ब्लॉक किया गया था। 

क्या कहा सरकार ने ?
सरकार ने नोटिस में कहा, #ModiPlanningFarmerGenocide हैशटैग के साथ ट्विटर पर जो कंटेंट पोस्ट किया गया, वह तथ्यात्मक तौर पर गलत था और उसका मकसद सिर्फ नफरत फैलाना था। सरकार ने कहा, यह एक मोटिवेटेड कैंपेन है, जो समाज में तनाव पैदा करने के लिए बिना किसी आधार के चलाया जा रहा है। 

नरसंहार को प्रोत्साहन देना फ्रीडम ऑफ स्पीच नहीं
सरकार ने कहा, नरसंहार को प्रोत्साहन देना फ्रीडम ऑफ स्पीच नहीं है। ये कानून व्यवस्था के लिए खतरा है। दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर भी हिंसा हुई थी। 

किसानों के नरसंहार को लेकर किए गए थे ट्वीट
दरसअल, कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 2 महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में जमकर हिंसा हुई थी। इस दौरान ट्विटर पर #ModiPlanningFarmerGenocide (किसानों का नरसंहार ) हैशटैग चलाया गया था। इसके बाद सरकार ने ट्विटर को ऐसे अकाउंट पर कार्रवाई करने के लिए कहा था। लेकिन बाद में ट्विटर ने ऐसे अकाउंट्स को बहाल कर दिया।