Shashi Tharoor on NEET Leak: NEET 2026 पेपर लीक मामले पर शशि थरूर ने केंद्र सरकार और NTA को लेकर क्या कहा? शशि थरूर ने NEET परीक्षा की निष्पक्षता पर कौन-कौन से सवाल उठाए हैं? थरूर ने NEET पेपर लीक को छात्रों की पूरी पीढ़ी के साथ विश्वासघात क्यों बताया?
Shashi Tharoor On NEET Leak: देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर उठे पेपर लीक विवाद पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा है कि यदि ऐसी व्यवस्था में परीक्षाएं कराई जाएं, जिनकी निष्पक्षता पर ही भरोसा न किया जा सके, तो लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता है। थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

‘मेहनत करने वाले छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं’
शशि थरूर ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत और तैयारी करते हैं। लेकिन जब परीक्षा प्रक्रिया में पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं जैसी खबरें सामने आती हैं, तो छात्रों का भरोसा टूट जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी परिस्थितियों में परीक्षाएं रद्द करनी पड़ती हैं और दोबारा आयोजित करनी पड़ती हैं। इसका सबसे बड़ा असर उन छात्रों पर पड़ता है, जिन्होंने ईमानदारी से तैयारी की होती है। थरूर के अनुसार, ऐसी घटनाओं के बाद छात्र और उनके परिवार खुद को ठगा हुआ, निराश और असहाय महसूस करते हैं।
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‘दुनिया में परीक्षाएं निष्पक्ष हो सकती हैं तो भारत में क्यों नहीं?’
कांग्रेस सांसद ने सवाल उठाते हुए कहा कि दुनिया के कई देशों में प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी निष्पक्षता के साथ आयोजित होती हैं। उन्होंने SAT, कैंब्रिज और अन्य अंतरराष्ट्रीय परीक्षाओं का उदाहरण देते हुए पूछा कि आखिर भारत में सरकारी एजेंसियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां क्यों सामने आती हैं।
उन्होंने कहा कि यदि अन्य देशों में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखी जा सकती है, तो भारत में भी ऐसा होना चाहिए। सरकार को यह बताना चाहिए कि वह राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की निष्पक्षता और निष्ठा की गारंटी देने में क्यों विफल हो रही है।
सरकार, मंत्रालय और NTA को बताया जिम्मेदार
थरूर ने अपने बयान में कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को संचालित करने वाली संस्थाओं और संबंधित मंत्रालयों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल सफाई देने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उनके मुताबिक, छात्रों का विश्वास बहाल करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
‘यह पहली बार नहीं, लेकिन आखिरी बार होना चाहिए’
कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है जब किसी राष्ट्रीय परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हों। लेकिन अब समय आ गया है कि सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहीं तो देश की युवा पीढ़ी का परीक्षा प्रणाली और संस्थाओं पर से भरोसा उठ जाएगा। यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
छात्रों के भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल
NEET परीक्षा देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए डॉक्टर बनने का रास्ता तय करती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता केवल परीक्षा प्रक्रिया को ही नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को प्रभावित करती है।
NEET पेपर लीक विवाद ने एक बार फिर देश की परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। शशि थरूर के बयान ने इस मुद्दे को राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए क्या कदम उठाती हैं।
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